आदि कैलाश यात्रा आज से शुरू

khabar pradhan

संवाददाता

15 May 2025

अपडेटेड: 12:23 PM 0thGMT+0530

आदि कैलाश यात्रा आज से शुरू

आदि कैलाश यात्रा आज से शुरू-

आदि कैलाश, जिसे शिव कैलाश, छोटा कैलाश, बाबा कैलाश या जोंगलिंगकोंग चोटी के नाम से भी जाना जाता है, भारत के उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है। यह हिमालय पर्वत श्रृंखला में स्थित एक पर्वत है। यह जगह आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के लिए प्रसिद्ध है।

आदि कैलाश ओम पर्वत यात्रा आरंभ तिथि 2025आधिकारिक सूचना के अनुसार, आदि कैलाश के खुलने की तिथि की घोषणा कर दी गई है, जो 15 मई 2025 से शुरू होने जा रही है।

1.आदि कैलाश ट्रेक कितने दिन का होता है?

आदि कैलाश ट्रेक की अवधि आमतौर पर 15 से 18 दिनों की होती है, जो चुने गए यात्रा कार्यक्रम और ट्रेकिंग समूह की गति पर निर्भर करती है।

2.आदि कैलाश और कैलाश मानसरोवर में क्या फर्क है?
कैलाश मानसरोवर तीर्थ पर चीन ने 1962 पर कब्जा कर लिया था। माउंट कैलाश 6638 मीटर (21778 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। जबकि आदि कैलाश उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के अंतिम गांव में स्थित हैं। आदि कैलाश के जाने के लिए आपको न ही किसी वीजा की जरूरत है न ही भारत-चीन सीमा पार करने की।

3..यात्रा का सबसे अच्छा समय मई से जून के अंत तक है। इस दौरान मौसम ठीक रहता है और यह संभवतः 6-8 दिनों तक रहता है। जुलाई की शुरुआत में बारिश का मौसम शुरू होता है, जुलाई और अगस्त में सबसे अधिक बारिश होती है। अगले साल नवंबर से अप्रैल तक का समय कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए अच्छा नहीं है।
4..आदि कैलाश के आसपास का क्षेत्र अपने लुभावने परिदृश्यों, चुनौतीपूर्ण ट्रैकिंग मार्गों और आध्यात्मिक वातावरण के लिए जाना जाता है। यह प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व का एक स्थान है, जो इसे आध्यात्मिक साधकों और साहसिक उत्साही लोगों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य बनाता है।

5.आदि कैलाश यात्रा के लिए आयु सीमा क्या है?


उच्च ऊंचाई और कठिन ट्रैकिंग स्थितियों के कारण आदि कैलाश यात्रा शारीरिक रूप से कठिन है। प्रतिभागियों के लिए अनुशंसित आयु सीमा आम तौर पर 18 से 70 वर्ष के बीच है। न्यूनतम आयु: 18 वर्ष, क्योंकि युवा व्यक्ति यात्रा की शारीरिक चुनौतियों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं हो सकते हैं।

6.उत्तराखंड की आदि कैलाश की यात्रा गुरुवार से शुरू हो रही है।

यात्रियों का पहला दल पिथौरागढ़ के धारचूला से रवाना होगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक विजय नाथ शुक्ल ने बताया कि आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा का पहला जत्था काठगोदाम से रवाना होकर नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के मंदिरों के दर्शन करते हुए गुंजी पहुंचेगा। यहां से जॉलिंगकोंग में आदि कैलाश और नाभीढांग में ओम पर्वत के दर्शन किए जाएंगे। आदि कैलाश मंदिर के कपाट 3 मई को खुल गए थे। लेकिन बर्फबारी के कारण यात्रियों को इनर लाइन परमिट जारी करने में देरी हुई। पिछले साल करीब 40 हजार श्रद्धालु आदि कैलाश के दर्शन करने पहुंचे थे

7.आदि कैलाश परमिट के लिए आवश्यक दस्तावेज

आदि कैलाश की यात्रा करने के लिए यात्रियों को उत्तराखंड अधिकारियों द्वारा जारी इनर लाइन परमिट (ILP) की आवश्यकता होती है । आवश्यक दस्तावेजों में वैध आईडी प्रूफ, पासपोर्ट साइज फोटो, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और एड्रेस प्रूफ शामिल हैं। वैध आईडी प्रूफ – आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट।

आदि कैलाश यात्रा आज से शुरू-

आदि कैलाश, जिसे शिव कैलाश, छोटा कैलाश, बाबा कैलाश या जोंगलिंगकोंग चोटी के नाम से भी जाना जाता है, भारत के उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है। यह हिमालय पर्वत श्रृंखला में स्थित एक पर्वत है। यह जगह आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के लिए प्रसिद्ध है।

आदि कैलाश ओम पर्वत यात्रा आरंभ तिथि 2025आधिकारिक सूचना के अनुसार, आदि कैलाश के खुलने की तिथि की घोषणा कर दी गई है, जो 15 मई 2025 से शुरू होने जा रही है।

1.आदि कैलाश ट्रेक कितने दिन का होता है?

आदि कैलाश ट्रेक की अवधि आमतौर पर 15 से 18 दिनों की होती है, जो चुने गए यात्रा कार्यक्रम और ट्रेकिंग समूह की गति पर निर्भर करती है।

2.आदि कैलाश और कैलाश मानसरोवर में क्या फर्क है ?


कैलाश मानसरोवर तीर्थ पर चीन ने 1962 पर कब्जा कर लिया था। माउंट कैलाश 6638 मीटर (21778 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। जबकि आदि कैलाश उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के अंतिम गांव में स्थित हैं। आदि कैलाश के जाने के लिए आपको न ही किसी वीजा की जरूरत है न ही भारत-चीन सीमा पार करने की।

3..यात्रा का सबसे अच्छा समय मई से जून के अंत तक है।

इस दौरान मौसम ठीक रहता है और यह संभवतः 6-8 दिनों तक रहता है। जुलाई की शुरुआत में बारिश का मौसम शुरू होता है, जुलाई और अगस्त में सबसे अधिक बारिश होती है। अगले साल नवंबर से अप्रैल तक का समय कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए अच्छा नहीं है।


4..आदि कैलाश के आसपास का क्षेत्र अपने लुभावने परिदृश्यों, चुनौतीपूर्ण ट्रैकिंग मार्गों और आध्यात्मिक वातावरण के लिए जाना जाता है। यह प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व का एक स्थान है, जो इसे आध्यात्मिक साधकों और साहसिक उत्साही लोगों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य बनाता है।

5.आदि कैलाश यात्रा के लिए आयु सीमा क्या है?


उच्च ऊंचाई और कठिन ट्रैकिंग स्थितियों के कारण आदि कैलाश यात्रा शारीरिक रूप से कठिन है। प्रतिभागियों के लिए अनुशंसित आयु सीमा आम तौर पर 18 से 70 वर्ष के बीच है। न्यूनतम आयु: 18 वर्ष, क्योंकि युवा व्यक्ति यात्रा की शारीरिक चुनौतियों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं हो सकते हैं।

6..उत्तराखंड की आदि कैलाश की यात्रा गुरुवार से शुरू हो रही है।

यात्रियों का पहला दल पिथौरागढ़ के धारचूला से रवाना होगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक विजय नाथ शुक्ल ने बताया कि आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा का पहला जत्था काठगोदाम से रवाना होकर नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के मंदिरों के दर्शन करते हुए गुंजी पहुंचेगा। यहां से जॉलिंगकोंग में आदि कैलाश और नाभीढांग में ओम पर्वत के दर्शन किए जाएंगे। आदि कैलाश मंदिर के कपाट 3 मई को खुल गए थे। लेकिन बर्फबारी के कारण यात्रियों को इनर लाइन परमिट जारी करने में देरी हुई। पिछले साल करीब 40 हजार श्रद्धालु आदि कैलाश के दर्शन करने पहुंचे थे

7.आदि कैलाश परमिट के लिए आवश्यक दस्तावेज

आदि कैलाश की यात्रा करने के लिए यात्रियों को उत्तराखंड अधिकारियों द्वारा जारी इनर लाइन परमिट (ILP) की आवश्यकता होती है । आवश्यक दस्तावेजों में वैध आईडी प्रूफ, पासपोर्ट साइज फोटो, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और एड्रेस प्रूफ शामिल हैं। वैध आईडी प्रूफ – आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट।

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