ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत को राहत, मुंबई पहुंचे तेल-गैस से भरे दो जहाज

khabar pradhan

संवाददाता

13 March 2026

अपडेटेड: 3:33 PM 0thGMT+0530

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत को राहत, मुंबई पहुंचे तेल-गैस से भरे दो जहाज

13 मार्च 2026
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के कारण तेल और गैस आपूर्ति को लेकर बनी चिंता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जोखिम भरे समुद्री रास्तों से गुजरते हुए तेल और गैस से भरे दो जहाज गुरुवार को मुंबई बंदरगाह पहुंच गए।

बताया गया कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरकर ये जहाज सुरक्षित भारत पहुंचे। इसके अलावा दो अन्य जहाज भी सुरक्षित मार्ग से निकलने में सफल रहे। इससे भारत में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी आशंकाओं में कुछ कमी आई है।

भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर ईरान से संपर्क में है, ताकि क्षेत्र में फंसे भारतीय जहाजों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बातचीत कर शांति की अपील की और होर्मुज क्षेत्र में भारतीय नागरिकों तथा जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।

रिपोर्ट के अनुसार अभी भी भारत के करीब 20 जहाज होर्मुज क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इनमें से 10 जहाज एलपीजी-एलएनजी और 5 जहाज कच्चे तेल से जुड़े हैं। यदि ये जहाज सुरक्षित भारत पहुंचते हैं तो देश में गैस संकट की आशंका और कम हो सकती है।

उधर सरकार का कहना है कि देश में तेल और गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखी जा रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।

एलपीजी संकट की अफवाहों पर सरकार सख्त, मोदी बोले—भ्रष्टाचारियों पर होगी कार्रवाई

देश में एलपीजी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार इस मामले में सक्रिय रूप से काम कर रही है और किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या कालाबाजारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एलपीजी को लेकर कुछ लोग भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार हालात पर नजर रखे हुए है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर कई स्तरों पर कदम उठा रही है और विभिन्न देशों से भी बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोविड संकट की तरह इस चुनौती का भी मिलकर और धैर्य के साथ सामना किया जाएगा।

उधर संसद में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी स्पष्ट किया कि देश में तेल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि घरेलू सिलेंडर और कृषि क्षेत्र से जुड़ी जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही कंपनियों को कमर्शियल एलपीजी की मार्केटिंग में 20 प्रतिशत तक राज्यों के सहयोग से आवंटन करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं विपक्ष ने संसद परिसर में गैस संकट का मुद्दा उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि सरकार का कहना है कि अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं है और देश में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति सामान्य है।

ईरानी मंत्री ने कहा कुछ देशों को हम सहयोग करेंगे ।

ईरानी विदेश उप मंत्री माजिक तख्त रवांची ने कहा कुछ देशों होर्मुज क्षेत्र से जहाज निकालने में मदद की जायेगी । इससे पहले विदेश मन्त्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा ‘जय शंकर औऱ अघराची के बीच शिपिंग सुरक्षा के मुद्दों पर बातचीत हुई है ।इससे  ज्यादा कहना अभी जल्दबाजी होगी । जो दो जहाज होर्मुज  से मुंबई पहुँचे उनमें से एक सऊदी अरब से 10 लाख तो दूसरा इराक से 20 लाख बैरल क्रूड लाया है।

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