ईरान और अमेरिका के बीच आर-पार की जंग जैसे हालात: राष्ट्रपति ट्रंप की दो टूक चेतावनी- ‘करो या मरो’

khabar pradhan

संवाददाता

11 April 2026

अपडेटेड: 1:08 PM 0thGMT+0530

11 अप्रैल 2026

वाशिंग्टन
पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली प्रस्तावित शांति वार्ता अधर में लटकती नजर आ रही है। दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है, जहाँ एक तरफ ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए ‘करो या मरो’ की स्थिति साफ कर दी है।

शांति वार्ता से पहले ईरान ने रखी शर्त
पाकिस्तान में प्रस्तावित शांति वार्ता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक दल पहुँच चुका है। लेकिन वार्ता शुरू होने से पहले ही ईरान के संसद प्रमुख मोहम्मद बकर गलीबाफ ने नई शर्त रख दी है। ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान में इजरायल के साथ युद्धविराम नहीं होता और विदेशों में जब्त की गई ईरानी संपत्तियां जारी नहीं की जातीं, तब तक वह बातचीत की मेज पर नहीं आएगा।

ट्रंप की भीषण हमले की धमकी
ईरान के इस अड़ियल रवैये पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर ईरान कोई समझौता नहीं करता है, तो उस पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया जाएगा। उन्होंने ईरान को आगाह किया है कि वह अमेरिका के साथ खिलवाड़ करना बंद करे। ट्रंप के मुताबिक, ईरान के पास अब समझौते के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है।

विवाद के मुख्य मुद्दे क्या हैं?
अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के चार बड़े कारण हैं जिन पर चर्चा होनी है:
परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना यूरेनियम संवर्धन और परमाणु केंद्र पूरी तरह बंद करे।
मिसाइल कार्यक्रम: अमेरिका ईरान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों पर रोक लगाना चाहता है।
आर्थिक प्रतिबंध: ईरान की मांग है कि उस पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण और टोल वसूली चाहता है, जबकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला रखना चाहता है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान से बिगड़ा माहौल
इस बीच, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक विवादित बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने इजरायल को ‘मानवता के लिए अभिशाप’ कह दिया, जिससे इजरायल और अमेरिका दोनों नाराज हो गए हैं। हालांकि, माहौल बिगड़ता देख आसिफ ने बाद में अपनी पोस्ट डिलीट कर दी, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसकी कड़ी निंदा की है।

आगे क्या होगा?
फिलहाल लेबनान और इजरायल के बीच सीमा पर भीषण गोलाबारी जारी है, जिससे शांति की उम्मीदें धुंधली होती जा रही हैं। अगर अगले कुछ घंटों में ईरान अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटता और वार्ता शुरू नहीं होती, तो राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी के बाद पश्चिम एशिया में एक बड़े युद्ध का खतरा पैदा हो सकता है।
पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति के जरिए इस संकट का समाधान निकलेगा या फिर मिसाइलों और बमों का दौर शुरू होगा।

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