ईरान के परमाणु केंद्र पर अमेरिका का भीषण हमला: 900 किलो का बम गिराया
संवाददाता
1 April 2026
अपडेटेड: 1:43 PM 0stGMT+0530
1 अप्रैल 2026
नई दिल्ली
संघर्ष हुआ तेज: इस्फहान पर दागा गया महाशक्तिशाली बम
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के इस्फहान परमाणु केंद्र पर 900 किलो का ‘बंकर बस्टर’ बम गिराकर हमला किया। इस हमले के बाद रात के अंधेरे में कई मीटर ऊंची आग की लपटें उठीं और पूरा इलाका धुएं से भर गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के वीडियो फुटेज भी जारी किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में ऊर्जा ढांचों पर हमलों का खतरा बढ़ गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता की स्थिति पैदा हो गई है।
जल्द समाप्त हो सकता है सैन्य अभियान; ट्रंप ने सहयोगियों से की चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह खुले बिना भी अमेरिका ईरान के खिलाफ अपना सैन्य अभियान समाप्त कर सकता है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ट्रंप अपने सहयोगियों के साथ चार से छह सप्ताह की तय समयसीमा में इस अभियान को समेटने के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि ईरान की नौसैनिक क्षमता और मिसाइल भंडार को कमजोर कर अमेरिका ने अपने मुख्य सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं, और अब कूटनीतिक दबाव के जरिए व्यापार बहाली पर जोर दिया जा सकता है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी: एप्पल, गूगल और टेस्ला समेत 18 कंपनियां रडार पर
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने पलटवार करते हुए पश्चिम एशिया में मौजूद 18 अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। इनमें माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, इंटेल, आईबीएम और बोइंग जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, इन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को तुरंत जगह खाली करने के लिए कहा गया है। ईरान का आरोप है कि ये कंपनियां हमलों की योजना बनाने और निगरानी में मदद करती हैं, इसलिए इन्हें नष्ट किया जा सकता है।
ईरान ने गलती से चीनी टैंकर को बनाया निशाना;
तनाव के बीच ईरानी ड्रोन ने दुबई के तट के पास कुवैती तेल टैंकर ‘अल साल्मी’ पर हमला किया, जिसमें भीषण आग लग गई। हालांकि बाद में पता चला कि यह टैंकर चीन के लिए जा रहा था जिसमें 12 लाख बैरल कच्चा तेल था।
दूसरी ओर, नाटो देशों के साथ भी अमेरिका की तनातनी बढ़ गई है। स्पेन, इटली और फ्रांस ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अड्डे और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से मना कर दिया है, जिससे नाराज होकर ट्रंप ने सख्त रुख अख्तियार किया है। ट्रंप ने साफ कहा कि जिन्हें भी तेल की जरूरत है वह हिम्मत दिखाएं और खुद होर्मुज जाकर तेल ले ले । अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेग सेथ ने कहा कि ईरान युद्ध में अगले कुछ दिन बेहद निर्णायक होने वाले हैं।