ईरान के शीर्ष नेताओं पर इजरायल का सीधा वार, टकराव हुआ और तेज
संवाददाता
19 March 2026
अपडेटेड: 3:14 PM 0thGMT+0530
19 मार्च 2026
तेहरान। इजरायल ने अब खुलकर ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी लोगों पर हाल ही में हुए हमलों के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खातिब को भी हमले में मार गिराया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ नेता अली लारिजानी और उनके बेटे की भी इस हमले में मौत की खबर सामने आई है।
बताया जा रहा है कि खातिब ने खामेनेई की देखरेख में इस्लामी न्यायशास्त्र की पढ़ाई की थी और वर्ष 2021 में उन्हें मंत्री बनाया गया था।
इजरायल के विदेश मंत्री इजरायल काट्ज ने संकेत दिया है कि आगे और भी बड़े हमले हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सेना को ईरानी नेताओं को निशाना बनाने की खुली छूट दी गई है।
वहीं, लारिजानी की हत्या पर सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि हर खून की कीमत चुकानी होगी और जिम्मेदार लोगों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा कि देश मजबूत है और किसी एक व्यक्ति के होने या न होने से सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
बेटी के घर मौजूद थे लारिजानी, तभी हुआ हमला; बेटे समेत कई लोग मारे गए
ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी (68) पर हमला उस समय हुआ, जब वे परदिस इलाके में अपनी बेटी के घर पर मौजूद थे। ईरान की एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह हमला अचानक हुआ जिसमें लारिजानी की मौत हो गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में उनके बेटे मोर्तेजा लारिजानी, आंतरिक सुरक्षा के उप सचिव अलीरेजा बयात और सुरक्षा गार्ड्स भी मारे गए।
लारिजानी के जनाजे में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी, जिससे देश में शोक और गुस्से का माहौल देखा गया।
वहीं, लारिजानी की मौत के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार रात और बुधवार को इजरायल पर बड़े मिसाइल हमले किए। इन हमलों में तेल अवीव में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा।
उधर, अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी ठिकानों पर 2,268 किलो वजनी ‘बंकर बस्टर’ बम गिराए। ये बम इतने शक्तिशाली होते हैं कि जमीन के अंदर बने ठिकानों को भी नष्ट कर सकते हैं।
ईरान-इजरायल टकराव के बीच बढ़ी वैश्विक हलचल, भारत ने की राहत की पहल
ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। दुबई से होर्मुज जलडमरूमध्य की आवाजाही प्रभावित होने के बाद तेल आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है।
भारत ने इस संकट के दौरान मानवीय सहायता के तहत ईरान को पहली खेप मेडिकल सप्लाई भेजी है।
इस बीच, ईरान ने इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में एक व्यक्ति को फांसी दी है, जबकि एक स्वीडिश नागरिक पर भी इसी तरह के आरोप लगाए गए हैं।