उज्जैन के महाकाल मंदिर में शिव नवरात्रि में प्रशासक ने मंदिर एक्ट का पालन कराया:भोग लगाया, चांदी की थाली व कटोरा कोठार में जमा किया:
संवाददाता
9 February 2026
अपडेटेड: 11:14 AM 0thGMT+0530
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शिवनवरात्र के पहले दिन शुक्रवार को श्रद्धालु की ओर से भगवान महाकाल को चांदी के कटोरे में उबटन तथा चांदी की थाली में खजूर का भोग लगाया गया था।
पूजा अर्चना के उपरांत गर्भगृह निरीक्षक ने चांदी की थाली, चांदी का कटोरा, उबटन तथा भोग में आए 32 किलो खजूर मंदिर की कोठार शाखा में जमा कराए हैं। दानदाता को इसकी विधिवत रसीद प्रदान की गई है।
महाकाल मंदिर में भगवान को अर्पित वस्तु कोठार में जमा कराई जाती है। भगवान के श्रृंगार व पूजा के उपायोग में आने वाले पात्र तथा सामग्री को भी कोठार में जमा कराया जाता है। पिछले कुछ समय से सागर के एक श्रद्धालु की ओर से उनके स्थानीय प्रतिनिधि भगवान महाकाल को चांदी की थाली में केसर, ड्रायफ्रूट आदि का भोग लगाते आ रहे हैं।
दानदाता को विधिवत रसीद भी प्रदान की गई:
शिव नवरात्रि के दौरान दान दाता की ओर से भगवान को चांदी के कटोरे में उबटन भी भेंट किया जाता है। अब तक भगवान को भोग लगाने के बाद दानदाता के प्रतिनिधि को सामग्री सौंप दी जाती थी। चांदी की स्पष्ट थाली व पात्र को लेकर भी कुछ नहीं है, इस बात की जानकारी प्रशासक प्रथम कौशिक को लगने पर
चांदी के बर्तनों का कुल वजन 1222.200 मिली ग्राम है
उन्होंने मंदिर एक्ट का पालन कराने के निर्देश दिए। इसके बाद शनिवार को भोग के बाद ड्रायफ्रूट तथा चांदी की थाली व कटोरा कोठार में जमा कराया गया।
चार लाख रुपये मूल्य के बर्तन :
गर्भगृह निरीक्षक जितेंद्र पंवार ने चांदी की थाली व कटोरा कोठार शाखा में जमा कराया हैं। बर्तनों का कुल वजन प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया 1222.200 मिली ग्राम है। इसके अलावा खजूर 32 किलो तथा पैकिंग उबटन का वजन 570 ग्राम है। बताया जाता है चांदी के बर्तनों का वर्तमान बाजार मूल्य करीब 4 लाख रुपये हैं।