एलोवेरा: एलोवेरा के फूल – सोने से भी कीमती -कितने शुभ , क्या है महत्व:

khabar pradhan

संवाददाता

15 February 2026

अपडेटेड: 11:32 PM 0thGMT+0530

एलोवेरा: एलोवेरा के फूल – सोने से भी कीमती -कितने शुभ , क्या है महत्व:

एलोवेरा के फूल लाल रंग के होते हैं और पौधे के पूरी तरह परिपक्व होने पर निकलते हैं।  ये फूल सुंदर, सुगंधित होते हैं और ज्योतिषशास्त्र के अनुसार घर में धन-समृद्धि लाते हैं, जिन्हें लाल कपड़े में रखकर तिजोरी में रखने या मंदिर में रखने के उपाय किए जाते हैं, साथ ही इनमें एंटीऑक्सीडेंट और औषधीय गुण भी होते हैं और इन्हें हर्बल चाय या अर्क के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

फूलों की विशेषताएँ और लाभ:

दुर्लभ और शुभ: एलोवेरा का फूल हर साल नहीं खिलता, बल्कि अच्छी देखभाल और परिपक्वता के बाद ही आता है, जिसे शुभ माना जाता है।

रंग और सुगंध: ये छोटे, ट्यूबलर (नलिकाकार) फूल आकर्षक होते हैं और हल्की खुशबू देते हैं; रंग पीले से नारंगी या लाल हो सकते हैं।

औषधीय गुण: फूलों में एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुण होते हैं, जो पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

तितलियों का आकर्षण: ये मधुमक्खियों और तितलियों को आकर्षित करते हैं, जिससे बगीचे के लिए फायदेमंद होते हैं।

ज्योतिषीय महत्व और उपाय:
धन और समृद्धि: ऐसा माना जाता है कि एलोवेरा के फूल घर में धन आकर्षित करते हैं और आर्थिक तंगी दूर करते हैं।
उपाय: फूल को लाल कपड़े में लपेटकर घर की तिजोरी या मंदिर में रखने से लाभ होता है।

फूल लाने के लिए टिप्स:

एलोवेरा के पौधे में तनाव दें (Root Bound): पौधे को छोटे गमले में लगाएं ताकि जड़ें कसकर बंध जाएं; यह फूल लाने के लिए पौधे को मजबूर करता है।

एक गमले में लगाएं एक ही पौधा: एक गमले में केवल एक ही पौधा लगाएं, झुंड में लगाने से ऊर्जा बंट जाती है।

पर्याप्त धूप: फूल धूप वाली जगह में अच्छे से खिलते हैं; घर के अंदर इन्हें खिलाना मुश्किल होता है।

फूल खिलने के बाद:
फूलों की डंठल काटकर हटा देना चाहिए ताकि पौधा अगले फूल के लिए तैयार हो सके। 

परिपक्वता होने पर ही देता है फूल: पौधा पूरी तरह परिपक्व होने पर ही फूल देता है, जिसमें समय लग सकता है।

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