13 अप्रैल 2026

भोपाल:
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ओंकारेश्वर में 17 से 21 अप्रैल तक ‘एकात्म पर्व’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। मांधाता पर्वत पर आयोजित होने वाले इस पांच दिवसीय उत्सव में अध्यात्म, संस्कृति और आधुनिक विज्ञान का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
संतों और विशेषज्ञों के बीच होगा वैचारिक मंथन
इस महोत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण ‘अद्वैतामृतम् – विमर्श सभा’ होगी। इसमें अद्वैत वेदांत की आज के समय में प्रासंगिकता पर गंभीर चर्चा की जाएगी। खास बात यह है कि इस दौरान अद्वैत दर्शन का एआई (Artificial Intelligence) यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ संबंध, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर युवा विशेषज्ञों और बड़े संतों के बीच सीधा संवाद होगा।
देशभर से जुटेंगे प्रख्यात संत
कार्यक्रम में द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि सहित देश के कई जाने-माने संत और विचारक हिस्सा लेंगे। इस दौरान सिख संप्रदाय के ‘एक ओंकार’ और अद्वैत दर्शन के साझा प्रभाव पर भी चर्चा की जाएगी।
700 युवा बनेंगे ‘शंकरदूत’
महोत्सव के अंतिम दिन यानी 21 अप्रैल को वैशाख शुक्ल पंचमी के अवसर पर नर्मदा तट पर एक दीक्षा समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें देश-विदेश से आए 700 से अधिक युवाओं को ‘शंकरदूत’ के रूप में दीक्षा दी जाएगी। ये युवा आगे चलकर अद्वैत वेदांत के दर्शन और विचारों का दुनिया भर में प्रचार-प्रसार करेंगे। साथ ही अद्वैत वेदांत के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले लोगों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा।
ओंकारेश्वर बन रहा है वैश्विक केंद्र
ओंकारेश्वर में अद्वैत लोक का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यहां पहले चरण में 108 फीट की ‘स्टैच्यू ऑफ वननेस’ (एकात्मता की प्रतिमा) स्थापित हो चुकी है। अब दूसरे चरण में करीब 2,195 करोड़ रुपये की लागत से ‘अद्वैत लोक’ संग्रहालय का काम भी प्रगति पर है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेदांत दर्शन के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।