कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा, सरकार ने उठाए आपात कदम

khabar pradhan

संवाददाता

7 March 2026

अपडेटेड: 11:43 AM 0thGMT+0530

7 मार्च 2026

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं। तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि कर दी है।

नई दरों के अनुसार भोपाल में 14.2 किलो का घरेलू गैस सिलेंडर अब 858.50 रुपये से बढ़कर 918.50 रुपये हो गया है। वहीं 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपये महंगा होकर 1883 रुपये में मिलेगा।

सरकार ने हालात को देखते हुए ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए इमरजेंसी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। तेल कंपनियों को वैकल्पिक स्रोतों से कच्चा तेल खरीदने और आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जो अक्टूबर 2022 के बाद पहली बार है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ा तो तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक भी जा सकती हैं।

भारत अपनी जरूरत का लगभग दो-तिहाई एलपीजी आयात करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत पश्चिम एशिया से आता है। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष का असर ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।

एलपीजी नियम में बदलाव: अब 21 दिन बाद ही कर सकेंगे नए गैस सिलेंडर की बुकिंग

खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध और उससे प्रभावित हो रही तेल-गैस आपूर्ति के बीच देश में एलपीजी वितरण व्यवस्था में बदलाव किया गया है। प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों ने नई व्यवस्था लागू करते हुए एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग के लिए 21 दिन का अंतर अनिवार्य कर दिया है।

नई नीति के अनुसार अब उपभोक्ता सिलेंडर मिलने के बाद अगले 21 दिन तक दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। पहले ऐसी कोई समय सीमा तय नहीं थी, इसलिए कई लोग कम समय में दोबारा बुकिंग कर लेते थे।

बताया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्ष के कारण तेल और गैस की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इसी स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम कंपनियों ने यह निर्णय लिया है।

मध्यप्रदेश में लगभग 5000 पेट्रोल पंप और करीब 6.50 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी डीलरों को निर्देश जारी कर बुकिंग सॉफ्टवेयर भी अपडेट कर दिया गया है।

हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि देश में तेल और गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।

टिप्पणियां (0)