केरल के सबरीवाला मंदिर में सोना चोरी मामले में बड़ी कारवाई:
तीन राज्यों में की छापेमारी -11 गिरफ्तार:

khabar pradhan

संवाददाता

20 January 2026

अपडेटेड: 6:01 PM 0thGMT+0530

केरल के सबरीवाला मंदिर में सोना चोरी मामले में बड़ी कारवाई:<br>तीन राज्यों में की छापेमारी -11 गिरफ्तार:



सबरीवाला मंदिर का बहुचर्चित सोना चोरी मामले में जांच एजेंसीयों की बड़ी करवाई:
आज सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोना चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने मंगलवार, 20 जनवरी को इस हाई-प्रोफाइल मामले में 21 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।  ये छापे केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर मारे गए हैं।  कार्रवाई ईडी के कोच्चि ज़ोनल ऑफिस की टीमों द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून, 2002 के चलते की गई है. ।

ईडी अधिकारियों के मुताबिक, ये जांच केरल क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज कई एफआईआर के बाद शुरू हुई थी‌  इन एफआईआर में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के कुछ अधिकारी, निजी व्यक्ति, बिचौलिये और ज्वैलर्स के बीच गहरी आपराधिक साजिश के संकेत मिले हैं। अब तक इस मामले में एसआईटी 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।  सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

नियमों को ताक पर रखकर निकाला सोना:

ईडी ने 9 जनवरी 2026 को कोर्ट से आदेश मिलने के बाद इस केस में ECIR दर्ज की थी। जांच में बड़ा खुलासा ये हुआ है कि सोने से जड़ी पवित्र कलाकृतियों को सरकारी रिकॉर्ड में जानबूझकर तांबे की प्लेट बताया गया।  जांच एजेंसी के अनुसार, 2019 से 2025 के बीच इन पवित्र वस्तुओं को मंदिर परिसर से अवैध रूप से हटाया गया। इसके बाद चेन्नई और कर्नाटक की निजी सुविधाओं में रासायनिक प्रक्रियाओं के जरिए इनसे सोना निकाला गया।

वजन कम निकलने पर कई सवाल उठ इसे सामान्य घिसावट बात कर नजरअंदाज करने की कोशिश की गई।  विशेष जांच टीम ने पुरानी और नई तस्वीरों की तुलना की जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मंदिर की मूर्तियां, दरवाजे ,सीढ़ियां ,नक्काशीदार हिस्सों से सोने की परत जानबूझकर हटाई गई थी।  भगवान अय्यप्पा की मुख्य मूर्ति से सोना चोरी के सीधे सबूत नहीं मिले । लेकिन मंदिर की बाकी संरचनाओं से सोना गायब होने की पुष्टि की गई है।

इस सोने से हुई कमाई को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर छिपाने की भी कोशिश की गई।  ईडी का कहना है कि इस जांच का मकसद अपराध से हुई कमाई का पूरा नेटवर्क उजागर करना, लाभार्थियों की पहचान करना और डिजिटल व दस्तावेजी सबूत जब्त करना है।
इतना ही नहीं, जांच में सबरीमाला मंदिर से जुड़े अन्य वित्तीय घोटालों, चढ़ावे और अनुष्ठानों से जुड़े धन में अनियमितताओं के भी संकेत मिले हैं। मामले की जांच फिलहाल PMLA के तहत जारी है, और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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