कोयले से बनेगी सस्ती गैस, बिना परेशानी पकेगा खाना: 8500 करोड़ की योजना
संवाददाता
24 March 2026
अपडेटेड: 2:28 PM 0thGMT+0530
24 मार्च 2026
नई दिल्ली। केंद्र सरकार कोयले से सस्ती गैस बनाने की बड़ी योजना पर काम कर रही है, जिससे घरेलू रसोई गैस की लागत कम हो सकती है। इस परियोजना पर करीब 8500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता घटाना है।
योजना के तहत कोल गैसीफिकेशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसमें कोयले को गैस में बदला जाता है। यह गैस एलपीजी के विकल्प के रूप में इस्तेमाल की जा सकेगी और घरेलू उपयोग के साथ-साथ उद्योगों के लिए भी फायदेमंद होगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल से देश में सस्ती और स्वदेशी ऊर्जा उपलब्ध होगी। साथ ही, कोयले का बेहतर उपयोग होने से ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी, क्योंकि पारंपरिक तरीकों की तुलना में यह अधिक पर्यावरण अनुकूल मानी जाती है।
इस योजना के लागू होने के बाद आम लोगों को सस्ती गैस मिलने की उम्मीद है, जिससे रसोई खर्च में कमी आएगी और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।