कोहरे के कारण गड्ढे में गिरी कार-
समय पर नहीं हुआ रेस्क्यू- मौत

khabar pradhan

संवाददाता

19 January 2026

अपडेटेड: 1:45 PM 0thGMT+0530

कोहरे के कारण गड्ढे में गिरी कार-<br> समय पर नहीं हुआ रेस्क्यू- मौत





27 वर्षीय इंजीनियर की हुई मौत:
फोन कर कहा, पापा बचा लो: समय पर नहीं हो पाया रेस्क्यू:

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर- 150 में घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के बीच एक 27 वर्षीय इंजीनियर की मौत हो गई।
यह हादसा शनिवार की आधी रात के बाद हुआ, जब वह काम के बाद घर लौट रहे थे।
रात 12:30 बजे उनकी कार एक मोड़ पर नियंत्रण खो बैठी और सड़क किनारे बने नाले की बाउंड्री वॉल को तोड़ते हुए पानी से भरे गहरे गड्ढे में  जा गिरी।
बताया जा रहा है कि यह गड्ढा एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के बेसमेंट के लिए तैयार किया गया था, जिसमें काफी पानी भरा हुआ था।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता कार के अंदर ही फंस गए और उन्होंने अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन कर मदद मांगी।
उन्होंने पिता से कहा, पापा बचा लो, मैं डूब रहा हूं, मरना नहीं चाहता।
उनकी चीख सुनकर कई राहगीर इकट्ठा हुए, लेकिन गहरा गड्ढा होने के कारण कोई भी नीचे उतर नहीं सका।
पुलिस मौके पर पहुंची, किंतु अंधेरा अधिक होने के कारण रेस्क्यू में देरी हुई।
करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद युवराज को बाहर निकला, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
एक प्रत्यक्षदर्शी डिलीवरी एजेंट मोनिंदर ने बताया कि यह हादसा आधी रात के आसपास हुआ और रात करीब पौने दो बजे वह मौके पर पहुंचा ।  उसने बताया कि वह युवक कार के अंदर फंसा हुआ था और पौने दो घंटे तक मदद मांगता रहा, कि किसी भी तरह बचा लो।  प्रत्यक्षदर्शी  मोनिंदर ने बताया कि मौके पर पुलिस एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड मौजूद थे ,लेकिन किसी ने भी पानी में उतरकर मदद नहींकी।   वे वह कह रहे थे ,पानी बहुत ठंडा है ,अंदर लोहे की राॅड है । मोनिंदर ने कहा कि उसने कपड़े उतार कर रस्सी बांधी और 50 मीटर अंदर जाकर तलाश किया। लेकिन कार और युवक नहीं मिले । सुबह 5:30 बजे तक कुछ भी नहीं निकल सका था।

इस हादसे के बाद पुलिस ने लापरवाही के आरोप में दो कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर एफआईआर दर्ज की है।  और आरोप लगाया है कि गड्ढे के पास पर्याप्त बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए थे । इसके पहले भी सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की गई थी ,किंतु कार्रवाई नहीं हुई।

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