कौन हैं सद्गुरू रितेश्वर महाराज यूपी के बाहुबली से इनका क्या है संबंध
संवाददाता
11 January 2026
अपडेटेड: 12:41 PM 0thGMT+0530
भारत की आध्यात्मिक परंपरा में कई ऐसे संत हुए हैं जिनका नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है.ऐसा ही एक नाम तेजी से उभरकर सामने आया है, जिन्हें सद्गुरू रितेश्वर महाराज के नाम से जाना जाता है.इन्होंने सनातन संस्कृति, श्रीकृष्ण भक्ति और सेवा के माध्यम से कई लोगों की जीवन बदल दिया है। परमपूज्य सद्गुरु श्री रितेश्वर जी का मार्गदर्शन हमें सिखाता है कि सच्ची संपत्ति बाहरी सुविधाओं में नहीं, बल्कि आंतरिक शांति, संतुलन और आत्मबोध में निहित है बता दें सद्गुरु रितेश्वर महाराज न सिर्फ एक आध्यात्मिक गुरु हैं, बल्कि इन्हें एक समाज सुधारक, एक प्रेरक वक्ता और विचारक के रूप में भी पहचाना जाता है। इनका आश्रम वृंदावन में स्थित है जिसे श्री आनंदम धाम से लोग जानते हैं.यहां दूर दूर से लोग पहुंचते हैं…यहां तक कि विदेशों से भी श्रद्दालु इनके प्रवचन का आनंनद लेने पहुंचते हैं.इनके मार्गदर्शन में लगातार सामाजिक अभियान के तौर पर बड़े कार्य किये जा रहे हैं.और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।
सद्गुरू का बचपन कैसा था
जिन्हें हम सद्गुरु रितेश्वर महाराज के नाम से जानते हैं उनका जन्म ब्राह्मण परिवार में हुआ था . 5 जनवरी 1973 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुआ था। इनके पिता का नाम विजय नारायण और माताजी मंजू देवी थीं माता पिता दोनों ही स्कूल में शिक्षक थे। सद्गुरु रितेश्वर एक बहुत ही संस्कारी ब्राह्मण परिवार से आते हैं और बचपन से ही इ नका झुकाव धर्म, आध्यात्म और सनातन परंपरा की ओर रहा।
सद्गुरू की शिक्षी दीक्षा कैसी थी
सद्गुरु रितेश्वर ने स्कूली पढ़ाई के बाद आगे की पढञाई का मन बनाया.सीधे वाराणसी पहुंचकर कॉलेज में दाखिला लिया. भूविज्ञान और संस्कृत में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा प्राप्त की। लेकिन विशेष बात ये थी पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने गहरी आध्यात्मिक साधना भी की। उत्तराखंड के जंगलों, त्रिकूट पर्वत, काशी, वृंदावन और ब्रज क्षेत्र में वन वन घूमते रहे.देशाटन करते रहे कई स्थानों पर उन्होंने तपस्या की और देश के कई हिस्सों की धार्मिक यात्राएं कीं।मंदिरों के दर्शन करना और संतों के साथ रहना इनकी दिनचर्या में सामिल हो गया जिसका असर उनके जीवन में पड़ा.
कैसे हुई श्री आनंदम धाम की स्थापना
सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज ने जगह जगह घूमकर कई यात्राएं कि लेकिन वृंदावन में ‘श्री आनंदम धाम’ की स्थापना कर अपना एक ठिकाना बनाया. ये एक अंतरराष्ट्रीय और गैर-लाभकारी संस्था है, जो समाज कल्याण के कई कार्यों में सक्रिय रहती है। ये संस्था न केवल आध्यात्म और दर्शन के लिए काम करती है बल्कि इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए भी काम किया जाता है संस्था के माध्यम से ‘पानी बचाओ, पानी बचाओ, भविष्य बचाओ’ जैसे अभियान चलाए जाते हैं। और पर्यावरण संरक्षण से लोगों के जोड़कर जागरूकता फैलाई जाती है
क्या है ‘लाडली प्रसादम’
समाज में फैली अलग अलग तरह की तमाम बुराईयों को भी दूर करने के प्रयास इस संस्था की तरफ से किये जाते हैं.युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए नशा मुक्ति कार्यक्रम बड़े स्तर पर किया जाता है जिसके लिए अलग अलग कैंप आयोजित किए जाते हैं। यहां नि:शुल्क भोजन सेवा भी कराया जाता है जिसे ‘लाडली प्रसादम’ नाम से भी चलाते हैं, जिसमें रोजाना सैकड़ों जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया जाता है। और भगवत कथा के माध्यम से आध्यात्म से जोड़ा जाता है.
देश-विदेश में प्रवचन और आयोजन
वह हर साल देश-विदेश में होने वाले कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। राधा-माधव महोत्सव, गुरु पूर्णिमा जैसे आयोजनों में उनके प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भारत के अलावा स्कॉटलैंड, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, नेपाल जैसे देशों में भी उनके कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
देश-विदेश के कई सम्मान मिले
सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज को देश-विदेश के कई सम्मान मिले हैं. उनके आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका हैं। वर्ष 2021 में उन्हें ‘भारत गौरव अवार्ड’ से नवाजा गया। वहीं 2022 में उन्हें 14वें न्यूजमेकर्स अचीवमेंट अवार्ड में ‘सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक नेता’ का सम्मान मिला। उनके जीवन और कार्यों पर पुस्तक भी प्रकाशित हो चुकी है। जिसका नाम है ‘Life Beyond Complications’ .
सद्गुरु रितेश्वर महाराज का संदेश
सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज का मानना है कि जीवन एक कठिन सपस्या है जे जितना संघर्ष करेगा उसे उतना ही आनंद प्रप्त होगा। सद्गुरू का कहना है सच्ची सफलता खुश रहकर और श्रीकृष्ण के प्रेम से मिलती है .गीता के संदेशों को अपनाकर श्रीकृष्ण की कृपा ही मिलती है। उनका उद्देश्य लोगों को सकारात्मक सोच, सेवा और भक्ति के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करना है। ताकि जीवन आनंदमयी और सफल बने.
महाराज की बातें सुनकर बीजेपी नेता भी रो पड़े.
कैसरगंज के पूर्व सांसद और बीजेपी के कद्दावर नेता बृजभूषण शरण सिंह अक्सर अपने बेबाक अंदाज और दबदबे वाले बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में नेताजी का एक अलग ही रूप देखने को मिला. सदगुरु रितेश्वर महाराज ने बृजभूषण शरण सिंह को लेकर कहा कि दबदबा था दबदबा है और दबदबा रहेगा. रितेश्वर महाराज के इतना कहते ही बृजभूषण शरण सिंह इमोशनल हो गए. बृजभूषण शरण सिंह का ये वीडियो वायरल होते ही लोग ये जानता चाहते हैं कि आखिर ये सदगुरु रितेश्वर महाराज कौन हैं जिनकी बातें सुनकर बीजेपी नेता भी रो पड़े.