गौशालाओं से दुर्गंध फैलती है, अखिलेश यादव का विवादित बयान

khabar pradhan

संवाददाता

27 March 2025

अपडेटेड: 12:03 PM 0thGMT+0530

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कन्नौज में कहा था कि भाजपा को दुर्गंध पसंद है इसलिए वो लोग गौशालाएं बनवा रहे हैं। इसे लेकर भाजपा हमलावर भी हो गई है। रवि किशन से लेकर दिनेश शर्मा तक कई दिग्गज सांसदों ने पूर्व मुख्यमंत्री को सख्त हिदायत भी दी है।

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के गौशाला और दुर्गंध वाले बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने अखिलेश पर पलटवार करते हुए उन्हें सनातन विरोधी करार भी दिया है। भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा है कि गाय हमारी माता है और गोबर उतना ही पवित्र। इसे लेकर ऐसी आपत्तिजनक बातें करना ठीक भी नहीं है। वहीं, भाजपा से राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा है कि अखिलेश को गौशाला में सनातन की आस्था को तलाशना भी चाहिए।

पहले जानिए अखिलेश ने क्या कहा था?
बीते दिन कन्नौज में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बयान भी दिया था। उन्होंने कहा भी था कि भाजपा वाले दुर्गंध पसंद करते हैं इसलिए गौशाला भी बना रहे हैं। हम सुगंध पसंद कर रहे थे, इसलिए इत्र पार्क भी बना रहे थे। सरकार सांड पकड़ रही है या नहीं? यह तो सरकार ही जाने, लेकिन इसके लिए जो पैसा आ रहा है, वो भी ये खाये जा रहे हैं।

‘ये सभी पार्टियां सनातन के विरोध में आवाज भी उठाती रहती हैं’
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने अखिलेश के बयान पर भी कहा, ये सभी पार्टियां सनातन के विरोध में आवाज भी उठाती रहती हैं। अखिलेश ने भी कहा था कि भाजपा को दुर्गंध पसंद है इसलिए वह गौशाला का भी निर्माण करा रही है और सपा को सुगंध पसंद है इसलिए हम इत्र बनाते हैं। यह स्पष्ट रूप से भी दिखाता है कि इन लोगों को सनातन से लगाव नहीं है और ये सभी सनातन विरोधी भी हैं। अगर हिंदुस्तान में रहकर कोई सनातन का विरोध भी करता है तो उसे हिंदुस्तान में राजनीति बंद कर देनी चाहिए। उसे वह भूमि ढूंढ़नी चाहिए, जहां सनातन का अपमान भी हो सके। यह देश सनातन का भी अपमान नहीं सहेगा।

‘इत्र का घोटाला भी हो चुका’
बयान पर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने भी कहा, इत्र पार्क बनाने के साथ-साथ इत्र का घोटाला भी हो चुका है। गौशाला में आप दुर्गंध और सुगंध क्यों तलाश रहे हो। गौशाला में सनातन की आस्था को भी तलाशो… ये गौमाता है और मां पर टिप्पणी भी नहीं की जाती।

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