चिकन नेक से अरुणाचल तक कनेक्टिविटी: ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी 36 किमी लंबी सुरंग
संवाददाता
22 February 2026
अपडेटेड: 1:40 PM 0ndGMT+0530
रणनीतिक दृष्टि से अहम परियोजना की तैयारी
भारत सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा और विकास को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी रणनीतिक परियोजना पर काम कर रही है। इस योजना के तहत पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ से अरुणाचल प्रदेश तक बेहतर संपर्क स्थापित करने के लिए ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे लगभग 36 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग बनाई जाएगी, जिससे सेना की आवाजाही और कनेक्टिविटी मजबूत होगी। यह सुरंग भारत के लिए सैन्य दृष्टि से भविष्य में वरदान साबित हो सकती हैl इस प्रोजेक्ट की लागत कुल 12000 करोड रुपए है l रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में केंद्रीय बजट पेश होने के बाद यह जानकारी दी इस प्रोजेक्ट पर 35.76 किलोमीटर लंबी दो अलग-अलग सुरंग बनाने की तैयारी है l यह सुरंग है भारत के लिए बहुत अहम हैl
सीमा सुरक्षा और तेज आवाजाही होगा फोकस
यह सुरंग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे चीन सीमा के नजदीक स्थित इलाकों तक सेना और संसाधनों की पहुंच आसान और तेज हो सकेगी। वर्तमान में दुर्गम भूभाग और मौसम की वजह से सैनिकों और सामान की आवाजाही में कई चुनौतियां आती हैं, जिन्हें यह परियोजना काफी हद तक दूर करेगी।
पूर्वोत्तर के विकास को मिलेगा नया आयाम
सरकार का मानना है कि इस सुरंग के बनने से केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से बेहतर जोड़ने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी।
इंजीनियरिंग और तकनीक की बड़ी चुनौती
ब्रह्मपुत्र जैसी विशाल और गहरी नदी के नीचे इतनी लंबी सुरंग बनाना तकनीकी रूप से बेहद जटिल परियोजना है। इस योजना पर केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है यह सुरंग कल 14 किलोमीटर की होगी इसमें चार लाइन वाली दो समांतर सुरंग होगी जिसमें से एक सुरंग ट्रेन के लिए उपयोग की जाएगी l इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक और विशेष डिजाइन का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि सुरक्षा और टिकाऊपन के उच्च मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।