चीन की PL-15E मिसाइल पर भारत की बड़ी जीत: एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में किया ध्वस्त
संवाददाता
21 May 2025
अपडेटेड: 10:00 AM 0stGMT+0530
चीन की PL-15E मिसाइल पर भारत की बड़ी जीत: एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में किया ध्वस्त
9 मई 2025 को पंजाब के होशियारपुर जिले में एक खेत से जो मिसाइल के टुकड़े मिले, उन्होंने एक बड़े रहस्य से पर्दा उठाया. भारतीय वायुसेना (IAF) ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान द्वारा दागी गई चीन निर्मित PL-15E मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया. यह मिसाइल पाकिस्तानी JF-17 लड़ाकू विमान से दागी गई थी, लेकिन भारत के एयर डिफेंस सिस्टम, जिसमें स्वदेशी आकाश मिसाइल और रूस से प्राप्त S-400 सिस्टम शामिल हैं, ने इसे सफलतापूर्वक मार गिराया.
एयर मार्शल एके भारती ने 12 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि PL-15E का यह पहला रीयल कॉम्बैट इस्तेमाल था, जिसे भारत ने विफल कर दिया. यह सफलता न केवल भारत की रक्षा क्षमता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भारत चीन-पाक गठजोड़ से निपटने में पूरी तरह सक्षम है.
PL-15E मिसाइल के मलबे की जांच में अब केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड जैसे फाइव आइज खुफिया साझेदार देश भी रुचि दिखा रहे हैं. इनके अलावा फ्रांस और जापान जैसे तकनीकी रूप से उन्नत देश भी इसमें शामिल हैं. ये सभी देश चीन की मिसाइल तकनीक को रिवर्स इंजीनियरिंग के जरिए समझना चाहते हैं.
इन देशों की दिलचस्पी इस बात में है कि चीन ने PL-15E को बनाने के लिए कौन सी एडवांस टेक्नोलॉजी अपनाई है—विशेष रूप से AESA रडार सिस्टम, गाइडेंस तकनीक, मोटर स्ट्रक्चर और रडार सिग्नेचर को लेकर.
PL-15E बनाम मीट्योर: तकनीकी मुकाबला
फ्रांस के लिए PL-15E मिसाइल खास रुचि का विषय है, क्योंकि यह उसकी मीट्योर मिसाइल की तकनीक से मेल खाती है. राफेल फाइटर जेट्स में लगी मीट्योर मिसाइल को पश्चिमी देशों की सबसे एडवांस लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलों में से एक माना जाता है. ऐसे में फ्रांस PL-15E के मलबे का विश्लेषण कर यह समझना चाहता है कि चीन ने किस स्तर की तकनीकी नकल या नवाचार किया है.
PL-15E को चीन की सबसे आधुनिक लंबी दूरी की मिसाइलों में गिना जाता है. इसे 200 से 300 किमी तक की रेंज के लिए डिजाइन किया गया है और यह AESA रडार सिस्टम से लैस होती है, जो इसे बेहद सटीक बनाता है.
भारत की मिसाइल सुरक्षा प्रणाली की मजबूती
PL-15E को हवा में नष्ट कर देना भारत के लिए रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक दोनों रूप से बड़ी जीत है. इससे साबित हुआ है कि भारत का एयर डिफेंस सिस्टम—विशेष रूप से स्वदेशी आकाश मिसाइल और रूस से प्राप्त S-400—किसी भी आधुनिक मिसाइल हमले को विफल करने में सक्षम है.
यह घटना न केवल पाकिस्तान और चीन के लिए एक चेतावनी है, बल्कि यह भारत की आत्मनिर्भर रक्षा तकनीकों की सफलता भी दर्शाती है. ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की रक्षा नीति, खुफिया प्रणाली, और रिएक्शन टाइम की सराहनीय दक्षता को भी उजागर किया है.