छतरपुर में खुदाई में 500 साल पुराने मिले मुगल कालीन सोने के सिक्के:
संवाददाता
29 January 2026
अपडेटेड: 12:34 PM 0thGMT+0530
खुदाई में मिले सोने के सिक्के -पूरे इलाके में फैली सनसनी:
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से खजाना मिलने की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है । एक बेहद चौंकाने वाले मामले में रातभर लोग खुदाई करते रहे।
छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चंद्रनगर चौकी के राजगढ़ गांव में दावा किया जा रहा है, कि गांव की सड़क पर डाली जा रही मिट्टी में सैकड़ों साल पुराने सोने के सिक्के निकले हैं। जो खबर मिल रही उसके मुताबिक राजगढ़ गांव की तरफ जा रहे रास्ते को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा था औऱ उसके लिए मिट्टी डाली जा रही थी। तभी मिट्टी के ढेर में कुछ लोगों को पुराने सोने के सिक्के जैसी कुछ चीज चमकती हुई दिखाई दी।
। इसके बाद से ये खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई।
स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि ये सिक्के लगभग 500 वर्ष पुराने हैं और बेशकीमती धातु सोने के बने हो सकते हैं। सिक्के मिलने की बात पुख्ता होते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हालात ऐसे बन गए कि लोग अपने घर से टॉर्च लेकर निकल आए और रात भर मिट्टी खोदकर सिक्के तलाशते रहे। सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग अफरा-तफरी के बीच जमीन से कुछ बटोरते नजर आ रहे हैं। हर कोई इस अचानक मिले गुप्त खजाने को पाने की होड़ में लगा रहा। हैरान करने वाली बात ये रही कि पुलिस प्रसासन गहरी नींद में सोया रहा। इतने बड़े घटनाक्रम के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अभी तक सन्नाटा पसरा है। बमीठा थाना प्रभारी का कहना है कि फिलहाल पुलिस के पास इस तरह की किसी घटना की कोई आधिकारिक सूचना या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। जानकारी के अभाव में अभी सिक्कों के मिलने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
हालांकि, वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों के दावे इस घटना की ओर गंभीर इशारा कर रहे हैं। लेकिन सिक्के वास्तव में सोने के हैं या किसी अन्य धातु के, यह पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। यदि ये सिक्के वास्तव में ऐतिहासिक हैं, तो यह क्षेत्र के इतिहास के नजरिए से एक बड़ी खोज साबित हो सकती है।
फिलहाल, राजगढ़ गांव में लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे कौतूहल और रोमांच भरी नजरों से देख रहे है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन वायरल वीडियो पर कब तक संज्ञान लेता है और स्थितियों की गंभीरता को समझता है। कब तक सही जानकारी और इस खजाने की हकीकत दुनिया के सामने आ पाती है।