जबलपुर मेडिकल कॉलेज में रैंकिंग करने वाले 8 छात्र होंगे निलंबित:

khabar pradhan

संवाददाता

31 January 2026

अपडेटेड: 5:51 PM 0stGMT+0530

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में रैंकिंग करने वाले 8 छात्र होंगे निलंबित:

जबलपुर में एमबीबीएस के आठ छात्र छे माह के लिए हुए निलंबित:
रैंगिग पर हुई सख्त कार्रवाई:

जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में रैंगिग का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है।  एंटी रैगिंग समिति की जांच में आरोप सही पाए जाने पर एमबीबीएस 2023 बैच के आठ सीनियर छात्रों को 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है।

इस निलंबन अवधि में छात्र ना तो कक्षाओं में बैठ सकेंगे और ना ही कॉलेज के हॉस्टल में रह सकेंगे । सभी छात्र आरोपियों पर 10000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है । यह मामला हॉस्टल शिफ्टिंग के दौरान जूनियर छात्रों के साथ रैंगिग करने से जुड़ा हुआ है।

चेतावनी की जारी आगे ना हो ऐसी गलती:
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर नवनीत सक्सेना ने कहा है कि किसी भी संस्थान में रैगिंग के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति लागू है और भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।  इन निलंबित छात्रों में नवदीप चौधरी, प्रकाश बावरिया ,विक्रम सिंह मीणा, धर्मेंद्र कुशवाहा ,केशव ,गौतम ,संदीप जयसवाल, नवनीत कुशवाहा और रवि मीणा शामिल है।
इस रैंकिंग प्रकरण का खुलासा एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र के शिकायत के बाद हुआ है

कॉलेज की एंटी रैगिंग समिति की ओर से की गई जांच में रैंगिग की पुष्टि हुई थी।  इस आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने अनुशासरात्मक कार्रवाई करते हुए दोषी छात्रों को 6 माह के लिए कक्षाओं से  और हॉस्टल से भी निष्कासित कर दिया है।  यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
एंटी रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर यूपी दीपांकर ने बताया कि एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ यह कार्रवाई राष्ट्रीय आयुर्वेदिक आयोग एनएमसी की ओर से 18 नवंबर 2021 को प्रकाशित राजपत्र में निर्धारित नियमों के तहत की गई है।  उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते बॉयज हॉस्टल क्रमांक 1 में 2024 बैच के कुछ जूनियर छात्रों के साथ रैंगिग की घटना हुई थी‌  जिसमें से एक छात्र द्वारा शिकायत  करने के बाद जांच की गई । इसमें सामने आया कि वर्ष 2023 बैच के आठ छात्रों ने रैगिंग की थी।

पीड़ित छात्र ने शिकायत में बताया कि हॉस्टल क्रमांक 4 से एमबीबीएस प्रथम वर्ष के बाद जब छात्र अन्य हॉस्टल में जाते हैं तो वहां पहले रह रहे सीनियर छात्र उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हैं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में डीन डॉक्टर नवनीत सक्सेना ने बताया कि परिसर या हॉस्टल में अनुशासनहीनता और रैंगिग जैसी किसी भी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी और जांच में रैंकिंग की पुष्टि के बाद कार्रवाई की गई है।

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