अमेरिकी डेलिगेशन का आज से भारत दौरा

khabar pradhan

संवाददाता

25 March 2025

अपडेटेड: 6:29 AM 0thGMT+0530

जानिए क्यों महत्पूर्ण है ये विजिट

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अमेरिका का एक प्रमुख व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर चर्चा में प्रगति की दिशा में अहम बैठकें होंगी। भारत और अमेरिका एक बैलेंस्ड व्यापार संबंध बनाने की कोशिश में हैं, जिससे टैरिफ से जुड़ी दिक्कतों को कम किया जा सके।
अप्रैल में रेसिप्रोकल टैरिफ के ऐलान को लेकर अटकलों के बीच अमेरिका से अहम बिजनेस डेलिगेशन भारत आ रहा है। वही साउथ और सेंट्रल एशिया के लिए अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रैंडन लिंच आज से भारत के 5 दिन के दौरे पर हैं। उनके साथ अमेरिकी सरकार के अधिकारी भी होंगे। दिल्ली स्थित अमेरिकी एंबेसी के प्रवक्ता ने इसका ऐलान करते हुए बताया कि इस दौरान ये प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के बीच पहले से चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ता के मद्देनजर अहम बैठकों में हिस्सा लेगा।
एंबेसी के मुताबिक ये दौरा सकारात्मक और संतुलित व्यापारिक रिश्तों को अमेरिका की ओर से दी जा रही प्रतिबद्धता को ही दर्शाता है। इस दौरे में लिंच की वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अलावा वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिलने की संभावना है। USTR की वेबसाइट के मुताबिक लिंच 15 देशों के मद्देनजर अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी का काम देखते हैं। इसमें यूएस-इंडिया ट्रेड पॉलिसी फोरम का मैनेजमेंट भी शामिल है। इससे पहले लिंच भारत के लिए USTR के निदेशक थे, जहां उनका काम द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों का प्रबंधन करना था।
बता दें कि इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि दोनों देश एक साझे हित वाले BTA से जुड़ी वार्ता को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में हैं। दोनों सरकारें एक ऐसा फ्रेमवर्क बनाने की कोशिश कर रही है, जिसका मकसद व्यापार का विस्तार करना, बाजार की पहुंच बढ़ाना और टैरिफ और गैर टैरिफ रुकावटों को दूर करना है। दोनों देशों की सरकारें कई लेवल पर एक दूसरे के संपर्क में हैं।

दरअसल, बीते 7 मार्च को अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत टैरिफ कम करने को लेकर सहमत हो गया है, वही जिसके बाद भारत सरकार के विदेश सचिव ने कहा कि भारत ने मौजूदा वक्त में कई देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते किए हैं, और कुछ के साथ ये वार्ताएं जारी हैं। टैरिफ लिबरलाइजेशन पर आधारित इस तरह की बातचीत चल ही रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि US के साथ मौजूदा चल रही बातचीत को भी इसी नजरिए से देखा जाना चाहिए।
वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि पीएम की वॉशिंगटन यात्रा के दौरान ही टैरिफ और व्यापार के जिन मामलों को रेखांकित किया गया, उन पर चर्चाएं प्रक्रिया के तहत चल रही हैं। उस दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने इन वार्ताओं को आगे बढ़ाने के लिए अपने प्रतिनिधियों को तय करने पर सहमति जताई थी। इसी के तहत कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका भी गए थे और 3-6 मार्च को हुए उनके इस दौरे में उन्होंने अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉर्वर्ड लुटनिक से मुलाकात की थी।
सरकार के सूत्र कहते हैं कि इस वार्ता से दोनों देशों के अपने हित और संवेदनशील बिंदु भी जुड़े हैं। भारत ने यूएई, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, ऑस्ट्रेलिया के साथ साझे हित वाले द्विपक्षीय एग्रीमेंट के तहत अपने एवरेज एप्लाई़ड यानी औसत तौर पर लगाए जाने वाले टैरिफ को काफी कम किया है। ऐसी बातचीत यूरोपीय यूनियन और यूके के साथ भी हो रही है। सरकार का कहना था कि अमेरिका के साथ जारी चर्चाओं को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। ऐसे में जबकि अबसे कुछ दिन बाद 2 अप्रैल को सबकी निगाह ट्रंप पर रहेंगी, ऐसे में ये बातचीत द्विपक्षीय बातचीत को किस दिशा में लेकर जाती है, ये देखना अहम होगा।

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