जिले में 500 अवैध कॉलोनियां, प्रशासन ने चिन्हित की 113, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी

khabar pradhan

संवाददाता

15 February 2026

अपडेटेड: 12:08 AM 0thGMT+0530

राजधानी के आसपास जिले में अवैध कॉलोनियों का तेजी से विस्तार हो रहा है। जिले में करीब 500 अवैध कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। प्रशासन ने इनमें से अब तक 113 कॉलोनियों को चिन्हित किया है, लेकिन इन पर प्रभावी कार्रवाई अभी तक पूरी तरह नहीं हो पाई है।

प्रशासन के अनुसार, बीते कुछ वर्षों में शहर की सीमा से लगे नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना अनुमति के कॉलोनियां बसाई गईं। कृषि भूमि पर बिना वैधानिक स्वीकृति के प्लॉटिंग कर दी गई और लोगों को प्लॉट बेच दिए गए।

खबर में बताया गया है कि कई कॉलोनियों के पास न तो वैध अनुमति है और न ही रेरा रजिस्ट्रेशन उपलब्ध है। इसके बावजूद खुलेआम प्रॉपर्टी का कारोबार जारी है। नियमों के अनुसार किसी भी प्रोजेक्ट का रेरा पंजीयन जरूरी होता है, ताकि उपभोक्ता धोखाधड़ी से बच सकें।

जिले के कई क्षेत्रों में 100 से अधिक अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं। इनमें जगदीशपुर, बसई, अचारपुरा, कुराना, मुबारकपुर, सेवेनियां, ओंकारा, thul खेड़ा, अरवलिया, नेरेला, बाज्याफत, छावनी पठार, सिकंदराबाद, परेवाखेड़ा, ईंटखेड़ी, पिपलिया बासखेड़ी, कालापानी, हज्जामपुरा, सुरैया नगर सहित कई इलाके शामिल हैं।

प्रशासन ने बताया कि इन क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों का कारोबार तेजी से फैल रहा है। प्रशासन ने जिले में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के निर्देश सभी एसडीएम को दिए हैं। अवैध कॉलोनियों की सूची तैयार कर ली गई है और पुलिस के सहयोग से एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी जारी है। इसके बाद संबंधित कॉलोनियों पर कार्रवाई की जाएगी।

कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

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