जेएनयू में फिर लगे विवादित नारे: मंत्री विश्वास सारंग की तीखी प्रतिक्रिया: उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत पर रोक लगाने पर जेएनयू में लगे विवादित नारे:
संवाददाता
7 January 2026
अपडेटेड: 1:38 PM 0thGMT+0530
जेएनयू में फिर लगे विवादित नारे! प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ नारेबाजी पर विश्वास सारंग ने दी तीखी प्रतिक्रिया!
देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ एक बार फिर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में विवादित नारे लगने से बवाल मच गया। सोमवार की रात साबरमती हॉस्टल के बाहर छात्रों ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ विवादित नारे लगाए।
उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज होने पर किया प्रदर्शन:
अभी पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज़ कर दी गई थी। 5 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दिया । इसके बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।
ये वामपंथी छात्र संगठन SFI, DSF, और AISA से जुड़े हैं और करीब 30 से 35 छात्रों ने गोरिल्ला ढाबा के पास भड़काऊ नारे लगाए।
कोर्ट के फैसले के बाद जेएनयू के इन छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ भड़काऊ और विवादित नारे लगाए।
विश्वास सारंग ने दी तीखी प्रतिक्रिया:
जेएनयू में लगे इन आपत्तिजनक नारों पर सहकारिता खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने तीखी प्रतिक्रिया दी है । उन्होंने कहा कि न केवल यह नारे निंदनीय हैं, बल्कि देशद्रोह की श्रेणी में आते हैं । देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के लिए इस प्रकार के आपत्तिजनक नारे लगाना देश की जनता को गाली देने के समान है । उन्होंने आगे कहा कि देश को तोड़ने वाली ताकतें लंबे समय से विवादित और आपत्तिजनक बयान बाजी करती आ रही है।
विश्वास सारंग ने कहा कि इस मानसिकता की शुरुआत राहुल गांधी के विदेशी दौरों से होती है। जब विपक्ष के नेता विदेश जाकर भारत के मान सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं ,तो देश विरोधी ताकतों को मजबूती और संरक्षण मिलता है। विपक्ष के द्वारा देश के खिलाफ बयान बाजी अप्रत्यक्ष रूप से देश विरोधी ताकतों को संरक्षण देने का काम करता है।
विश्वास सारंग ने कांग्रेस सहित समस्त विपक्ष को इस षड्यंत्र में शामिल बताया । उन्होंने कहा सर्जिकल स्ट्राइक ,एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर पर प्रश्न चिन्ह लगने से देश विरोधी मानसिकता को बढ़ावा मिलता है, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेंगी।
कांग्रेस हमेशा देश विरोधी ताकतों का समर्थन करती है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत खारिज करने को लेकर कांग्रेस समेत समस्त विपक्ष के द्वारा इस तरह की मानसिकता को बढ़ावा दे रहे है। शैक्षणिक संस्थानों में देशद्रोही और संविधान विरोधी बातें होना बेहद आपत्तिजनक है। भारत में रहने वाला हर नागरिक देश विरोधी मानसिकता को स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि जेएनयू के विद्यार्थियों की यह मानसिकता दिखाती है कि ये उन लोगों के साथ हैं, जो देश को तोड़ने का षड्यंत्र रचते हैं।
आरोपियों की पहचान करने हेतु प्रशासन ने मांगी FIR:
जेएनयू यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस घटना पर गंभीर संज्ञान लिया और मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने दिल्ली पुलिस को फिर दर्ज करने की मांग की उन्होंने कहा कि यह नारे बेहद आपत्तिजनक भड़काऊ और उत्तेजक हैं जो सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के साथ-साथ विश्वविद्यालय की आचार संहिता का भी उल्लंघन करते हैं । इन नारों से विश्वविद्यालय की शांति और सार्वजनिक व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है।
बीजेपी ने विपक्ष पर साधा निशाना:
इस मामले में भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर हमला करते हुए देशद्रोही करार दिया है । और इसे टुकड़े-टुकड़े गैंग और अर्बन नक्सल्स की करतूत बताई । दिल्ली के मंत्री और भाजपा नेताओं ने इसे राष्ट्र विरोधी मानसिकता का बताया । कुछ नेताओं ने विपक्ष पर इन तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
पुलिस की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। इस संदर्भ में विश्वविद्यालय ने छात्रों को चेतावनी दी है कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।