जेडीयू विधायक गोपाल मंडल का विवादास्पद बयान

khabar pradhan

संवाददाता

22 April 2025

अपडेटेड: 1:41 PM 0ndGMT+0530

बिहार में खड़गे को कोई नहीं जानता, निशांत की एंट्री जरूरी’

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक गोपाल मंडल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर तंज कसते हुए कहा कि ‘बिहार में खड़गे को कोई नहीं जानता’ और उनके राज्य में आने से कोई फर्क नहीं पड़ता। मंडल ने यह भी दावा किया कि बिहार की राजनीति में युवा नेता निशांत यादव की एंट्री अधिक महत्वपूर्ण है। उनके इस बयान ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। यह बयान उस समय आया है, जब खड़गे के बिहार दौरे की चर्चा जोरों पर है।
बयान का विवरण
गोपाल मंडल, जो अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं, ने एक स्थानीय कार्यक्रम में कहा, “मल्लिकार्जुन खड़गे का बिहार में क्या काम? यहां उन्हें कोई जानता तक नहीं। उनके आने-जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। बिहार की राजनीति में अगर कोई बदलाव ला सकता है, तो वह है निशांत जैसे युवा चेहरे।” मंडल ने निशांत यादव को बिहार की भावी राजनीति का उभरता सितारा बताते हुए कहा कि उनकी एंट्री से विपक्ष को कड़ी चुनौती मिलेगी।
हालांकि, मंडल ने यह स्पष्ट नहीं किया कि निशांत यादव कौन हैं और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है। कुछ सूत्रों का कहना है कि निशांत स्थानीय स्तर पर एक युवा नेता हैं, जो जेडीयू के समर्थन से राजनीति में कदम रखने की तैयारी में हैं।
खड़गे का बिहार दौरा
मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्तावित बिहार दौरे का उद्देश्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरना और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पार्टी को मजबूत करना बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, खड़गे कई जिलों में रैलियां और कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं। हालांकि, मंडल के बयान ने इस दौरे से पहले ही विवाद को हवा दे दी है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
गोपाल मंडल के बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा, “मंडल का बयान उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। खड़गे जी एक राष्ट्रीय नेता हैं, जिन्होंने दशकों तक देश की सेवा की है। बिहार की जनता उन्हें सम्मान देती है।” राठौर ने यह भी कहा कि जेडीयू इस तरह के बयानों से अपनी हताशा जाहिर कर रही है।
वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस बयान को ‘अनुचित’ करार देते हुए कहा, “खड़गे जी का बिहार में स्वागत है। वह एक अनुभवी नेता हैं, जिनका योगदान अतुलनीय है। मंडल जैसे लोग सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए बयान देते हैं।”
भाजपा ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि वह इस विवाद का फायदा उठाकर कांग्रेस को घेरने की रणनीति बना सकती है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
X पर मंडल के बयान ने तीखी बहस छेड़ दी है। कुछ यूजर्स ने मंडल के बयान का समर्थन करते हुए लिखा, “बिहार में स्थानीय नेताओं का बोलबाला है। खड़गे जैसे बाहरी नेताओं का यहां कोई प्रभाव नहीं।” वहीं, कई यूजर्स ने इसे खड़गे का अपमान बताया। एक यूजर ने लिखा, “मंडल को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए। खड़गे एक सम्मानित नेता हैं।”
मंडल का विवादों से नाता
गोपाल मंडल पहले भी अपने विवादास्पद बयानों के लिए सुर्खियों में रहे हैं। 2023 में उन्होंने तेजस्वी यादव पर व्यक्तिगत टिप्पणी की थी, जिसके बाद जेडीयू को सफाई देनी पड़ी थी। मंडल के बयानों को अक्सर उनकी पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला माना जाता है, लेकिन उनकी स्थानीय लोकप्रियता के कारण पार्टी उन पर सख्त कार्रवाई से बचती रही है।
निशांत की एंट्री का क्या मतलब?
मंडल के बयान में निशांत यादव का जिक्र राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि जेडीयू बिहार में युवा नेताओं को आगे लाकर अपनी नई रणनीति बना रही है, ताकि वह राजद और कांग्रेस के युवा नेताओं जैसे तेजस्वी यादव और कन्हैया कुमार को टक्कर दे सके। हालांकि, निशांत की पृष्ठभूमि और उनकी राजनीतिक योजनाओं के बारे में अभी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
आगे की दिशा
मंडल का यह बयान बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकता है। खड़गे के दौरे को लेकर पहले से ही उत्साहित कांग्रेस अब इस बयान का जवाब देने की तैयारी में है। दूसरी ओर, जेडीयू के लिए मंडल का बयान एक बार फिर पार्टी को असहज स्थिति में डाल सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि निशांत यादव की कथित एंट्री और खड़गे का दौरा बिहार की राजनीति को कैसे प्रभावित करता है।

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