जेलेंस्की का बड़ा दावा….

khabar pradhan

संवाददाता

27 March 2025

अपडेटेड: 6:16 AM 0thGMT+0530

जल्द ही ज़िन्दगी से हाथ धो बैठेंगे रूसी राष्ट्रपति

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को लेकर बड़ा दावा किया गया है। वही जेलेंस्की ने कहा है कि पुतिन जल्द ही मर जाएंगे। यूक्रेनी नेता के इस बयान के बाद पुतिन के स्वास्थ्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पुतिन के अंदर कुछ वक्त में खास परिवर्तन देखे गए हैं।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गंभीर बीमारी से जूझने की अफवाहों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया गया है कि पुतिन जल्द ही मर जाएंगे। साथ ही उन्होंने अमेरिका से अपील की कि जब तक पुतिन हैं, वह रूसी चालबाजियों के सामने मजबूत बने रहें। कालासागर में अमेरिका की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के एक दिन बाद जेलेंस्की ने फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ बैठक भी की। जेलेंस्की ने बताया कि पुतिन ‘यूरोपीय संघ को अंदर से चोट’ पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि ‘वह जल्द ही मर जाएंगे और यह एक तथ्य है। यह समाप्त हो जाएगा।’
इस बीच रूसी नेता के खराब स्वास्थ्य के बारे में अफवाहें जोर पकड़ रही हैं। ब्रिटिश न्यूज आउटलेट द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन को अक्सर सूजे हुए चेहरे, कांपते हुए देखा गया है। इसके साथ ही उनके पैरों में ऐंठन का भी बात कही गई है, जिससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे पद छोड़ने वाले हैं।
बीते तीन वर्ष से ज्यादा वक्त से रूस के साथ युद्ध में उलझे यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि अमेरिका पुतिन को बिना शर्त युद्ध विराम स्वीकार करने के लिए प्रेरित करेगा। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पुतिन पर वार्ता की मेज से हटने के बाद युद्धविराम की पुनर्व्याख्या करने का आरोप लगाया।

मैक्रों ने कहा कि रूस कहता है कि वह शांति चाहता है, इसके बावजूद वह नागरिक ठिकानों समेत यूक्रेनी क्षेत्र पर लगातार हमले कर रहा है। उन्होंने बताया, ‘रूस यूक्रेन के लिए स्थायी शांति की शर्तें तय नहीं कर सकता।’ गुरुवार को यूरोपीय संघ के नेता यूक्रेन के मुद्दे पर अहम बैठक करने जा रहे हैं, जिसमें इस बात पर आम सहमति बनाने की कोशिश होगी कि स्थायी युद्धविराम समझौते की स्थति में यूक्रेन का समर्थन कैसे किया जाए।
एक विकल्प यह है कि जमीन पर शांति बनाए रखने के लिए इच्छुक यूरोपीय संघ के देशों से सैनिकों को तैनात किया जाए। लेकिन मैक्रों ने चेतावनी दी कि इससे यूरोपीय संघ के सैनिकों को रूस के साथ सीधे संघर्ष में जाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर पुतिन ने यूक्रेनी धरती पर हमला किया तो यह शांति सैनिकों पर भी हमला होगा। ऐसे में रूस के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों के सैनिकों पर होगी।
नाटो प्रमुख मार्क रूट ने रूस को पोलैंड या गठबंधन के किसी सदस्य पर हमला करने को लेकर चेतावनी दी कि इसकी विनाशकारी सैन्य प्रतिक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने सदस्य देशों के लिए एक संदेश भी दिया और कहा, ‘यह अकेले जाने का समय नहीं है।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘यूरोप को सुरक्षित रखने के लिए नाटो के अलावा कोई विकल्प नहीं है और अमेरिका परमाणु छत्र की जगह कोई नहीं है, जो हमारी सुरक्षा का अंतिम गारंटर है।’

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