डिजिटल जनगणना: अब खुद ऑनलाइन भर सकेंगे परिवार की जानकारी: कल से होगी शुरुआत
संवाददाता
31 March 2026
अपडेटेड: 1:28 PM 0stGMT+0530
31 मार्च 2026
नई दिल्ली:
भारत में 16 साल के लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार जनगणना (Census) शुरू होने जा रही है। इस बार की जनगणना बेहद खास है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल होगी। कल, यानी 1 अप्रैल (बुधवार) से इसकी शुरुआत नई दिल्ली, कर्नाटक और ओडिशा जैसे राज्यों से होने जा रही है।
अब घर बैठे भरें अपना डेटा
इस बार आपको जनगणना के लिए सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के भरोसे नहीं रहना होगा। आप खुद पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए अपने परिवार की जानकारी (Self-Enumeration) ऑनलाइन भर सकेंगे। इससे काम जल्दी होगा और गलतियों की गुंजाइश भी कम रहेगी।
दो चरणों में होगी प्रक्रिया
* पहला चरण (अप्रैल से सितंबर 2026): इसमें मकानों की सूची तैयार की जाएगी। आपसे परिवार की सुविधाओं, घर के सामान और वाहनों जैसे कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे।
* दूसरा चरण (फरवरी 2027): इसमें जनसंख्या की मुख्य गिनती होगी, जिसमें शिक्षा, सामाजिक, आर्थिक, प्रवास, काम और धर्म जैसी जानकारियाँ ली जाएंगी।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का शेड्यूल
* एमपी और छत्तीसगढ़: यहाँ खुद से डेटा भरने (Self-Enumeration) की सुविधा 16 अप्रैल से शुरू होगी।
राजस्थान में यह काम 1 मई से शुरू होगा।
लिव-इन कपल्स के लिए नया नियम
इस जनगणना में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि जो जोड़े (कपल्स) लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं, उन्हें भी शादीशुदा जोड़ों की तरह ही दर्ज किया जाएगा।
कैसे भरें खुद जानकारी? (स्टेप-बाय-स्टेप)
* पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले se.census.gov.in पर लॉग-इन करें।
* अपना राज्य चुने और कैप्चा भरें l
* नंबर दर्ज करें: अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें।
* मैप पर लोकेशन: मानचित्र पर अपने घर की जगह मार्क करें।
* डिटेल्स भरें: परिवार का विवरण भरकर सबमिट करें।
* ID प्राप्त करें: आपको एक SE ID मिलेगी। इसका स्क्रीनशॉट ले l यह sms और email पर भी आएगी l इसे संभाल कर रखें l जब जनगणना कर्मचारी आपके घर आए, तो उन्हें यह ID दिखा दें। आपकी जानकारी ऑटोमेटिक अपडेट हो जाएगी।
इस महाभियान में करीब 30 लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल ऑपरेशन बना देंगे।
आपकी प्राइवेसी का पूरा ख्याल
रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि जनगणना में दी गई आपकी हर जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। इसे न तो RTI के जरिए निकाला जा सकता है और न ही अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
जनगणना डेटा को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगाl यह नेशनल क्रिटिकल इनफॉरमेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन केंद्र की निगरानी में रहेगा l इस घेराबंदी का मकसद उन सभी चिंताओं को खत्म करना है ,जिनमें डाटा लीक से समुदायों को टारगेट करने या विदेशी ताकतों द्वारा आंतरिक नीतियों को प्रभावित करने की आशंका थी l केवल अधिकृत अधिकारी ही बायोमेट्रिक व डिजिटल सिग्नेचर से डाटा देख सकेंगेl डिजास्टर रिकवरी सेंटर भी होगा l डाटा लीक करने पर राष्ट्रीय सुरक्षा की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी