ड्रोन का किंग चीन अब खुद अपने आसमान पर लगा रहा है ताले, नियम जानकर दंग रह जाएंगे!

khabar pradhan

संवाददाता

6 April 2026

अपडेटेड: 7:04 PM 0thGMT+0530

ड्रोन का किंग चीन अब खुद अपने आसमान पर लगा रहा है ताले, नियम जानकर दंग रह जाएंगे!

6 अप्रैल 2026

हांगकांग:
पूरी दुनिया को ड्रोन सप्लाई करने वाला चीन अब अपने ही देश में ड्रोन उड़ाने वालों पर नकेल कस रहा है। जो चीन कभी ड्रोन इंडस्ट्री का बेताज बादशाह माना जाता था, अब वहीँ के लोगों के लिए आसमान में ड्रोन उड़ाना टेढ़ी खीर साबित होने वाला है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन सरकार ने मनोरंजन और आम नागरिकों के लिए ड्रोन नियमों को बेहद सख्त कर दिया है।

गलती की तो जाना होगा जेल
चीन में अब बिना सोचे-समझे ड्रोन उड़ाना भारी पड़ सकता है। प्रशासन ने जो नए नियम लागू किए हैं, उनमें सजा का कड़ा प्रावधान है:
जनवरी से लागू नियमों के तहत, अगर कोई बिना परमिशन ड्रोन उड़ाते पकड़ा गया, तो उसे सीधे जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
मई से सभी ड्रोन मालिकों को अपने ड्रोन का रजिस्ट्रेशन अपने असली नाम के साथ करना अनिवार्य होगा।
ड्रोन उड़ाने वाले को अपनी सरकारी पहचान पत्र या मोबाइल नंबर को अपने डिवाइस से जोड़ना पड़ेगा, ताकि हर ड्रोन की पहचान की जा सके।
रियल टाइम में सरकार रखेगी नज़र
चीन की सरकार अब सिर्फ नियम नहीं बना रही, बल्कि तकनीक के जरिए निगरानी भी कर रही है।
अब ड्रोन से जुड़ी हर उड़ान का डेटा रियल टाइम में सरकार के पास जाएगा। यानी आप कहाँ और कब ड्रोन उड़ा रहे हैं, इसकी खबर तुरंत अधिकारियों को होगी।
शहर के जिन इलाकों में पाबंदी है (जो कि ज्यादातर शहरों में है), वहां ड्रोन उड़ाने के लिए कम से कम एक दिन पहले अनुमति लेनी होगी।
बीजिंग बना ‘नो ड्रोन ज़ोन’
राजधानी बीजिंग में तो नियम और भी ज्यादा सख्त हैं:
बीजिंग की सीमा के भीतर ड्रोन उड़ाने पर लगभग पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है।
यहाँ तक कि बीजिंग में ड्रोन या उसके मुख्य हिस्सों को न तो बेचा जा सकता है, न ही किराए पर दिया जा सकता है।
दूसरे राज्यों से शहर में आने वाले लोगों के सामान की सघन तलाशी ली जा रही है ताकि कोई गुपचुप तरीके से ड्रोन न ले जा सके।

नियमों में ढील सिर्फ उन इलाकों में दी गई है जो बहुत कम आबादी वाले और खुले हैं। वहां भी केवल 400 फीट से कम ऊंचाई पर उड़ने वाले छोटे ड्रोनों को छूट मिली है। लेकिन चीन के जिस तरह के शहरी हालात हैं, वहां ऐसे इलाके ढूंढना बहुत मुश्किल है।
चीन का यह कदम सुरक्षा और सर्विलांस (निगरानी) के लिहाज से उठाया गया माना जा रहा है। एक तरफ जहां चीन दुनिया का सबसे बड़ा ड्रोन निर्यातक है, वहीं दूसरी तरफ अपने ही नागरिकों के लिए आसमान में पाबंदियों का जाल बिछा रहा है।

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