तिरुमला घी स्कैम: कैसे पकड़ा गया गड़बड़ घोटाला:
संवाददाता
25 January 2026
अपडेटेड: 7:56 PM 0thGMT+0530
तिरुमला लड्डुओं में मिलावटी घी के मामले में फाइनल चार्जशीट दाखिल:
SIT ने तिरुमाला लड्डूओं में मिलावटी घी के मामले में फाइनल चार्जशीट दाखिल कर दी है। टीम ने 12 राज्यों में इसकी जांच की।मंदिर के लड्डुओं में मिलावटी घी को लेकर देशभर में इसका विरोध हुआ था।ये चार्जशीट लगभग 15 महीने की जांच के बाद दाखिल की गई है।
फाइनल चार्जशीट में 36 मुख्य आरोपियों के नाम हैं। इसमें भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी के डायरेक्टर पोमिल जैन और विपिन जैन शामिल हैं । उनपर नकली घी बनाने का आरोप है। इसके अलावा, पूर्व TTD चेयरमैन YV सुब्बा रेड्डी के पर्सनल असिस्टेंट चिन्ना अप्पन्ना, पूर्व TTD प्रोक्योरमेंट जनरल मैनेजर, सप्लायर्स के साथ मिलीभगत के आरोप में गिरफ्तार सुब्रमण्यम, वैष्णवी डेयरी के CEO सप्लायर अपूर्वा विनयकांत चावड़ा, AR डेयरी के MD आर राजशेखरन और दिल्ली का व्यापारी अजय कुमार सुगंध, जिन पर नकली घी बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल सप्लाई करने का आरोप है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर CBI के नेतृत्व वाली टीम ने इसे अपने हाथ में ले लिया। इसने TTD घी कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी सप्लाई चेन, प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड, लैब रिपोर्ट और फाइनेंशियल फ्लो का बारीकी से पता लगाय।
.सबूतों से पता चलता है कि 2019 और 2024 के बीच लगभग 68 लाख किलोग्राम मिलावटी घी, जिसे पाम तेल और केमिकल एडिटिव्स का इस्तेमाल करके शुद्ध घी जैसा बनाया गया था, TTD सप्लाई चेन में भेजा गया, जिसका अनुमानित लेनदेन लगभग 250 करोड़ रुपये थी। जांच के दौरान SIT ने कई जानी-मानी हस्तियों से पूछताछ की या उन्हें नोटिस भेजे लेकिन इन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है।यह विवाद सितंबर 2024 में शुरू हुआ जब सीएम चंद्रबाबू नायडू ने पवित्र पहाड़ी मंदिर में लड्डू प्रसाद में मिलावटी घी के इस्तेमाल का खुलासा किया। उन्होंने चिंता जताई कि शुद्ध गाय के घी के बजाय मिलावटी घी, जिसमें जानवरों की चर्बी भी मिली हुई थी वो पवित्र श्रीवारी लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल किया जा रहा था। शुरुआती राजनीतिक दावों में लड्डुओं में बीफ टैलो और सुअर की चर्बी की मिलावट के आरोप शामिल थे, जिससे भारी गुस्सा भड़का और एक गहन जांच शुरू की गई।