तीन विमान हादसों के बाद सख्त हुआ DGCA, एयरलाइंस और पायलटों पर सख्ती
संवाददाता
25 February 2026
अपडेटेड: 12:34 PM 0thGMT+0530
लगातार हादसों ने बढ़ाई चिंता
देश में 24 घंटे के भीतर तीन विमान और हेलीकॉप्टर से जुड़े हादसों के बाद नागरिक उड्डयन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी के बाद डीजीसीए ने एयरलाइंस और पायलटों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन घटनाओं ने विमानन सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्पाइसजेट विमान में चिंगारी, दिल्ली लौटा
एक घटना में स्पाइसजेट का विमान उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या के चलते दिल्ली लौट आया। यात्रियों को विमान में चिंगारी दिखाई देने के बाद हड़कंप मच गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पायलट ने विमान को वापस लाने का फैसला किया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
अंडमान-निकोबार में समुद्र में उतरा हेलीकॉप्टर
दूसरे मामले में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर के पास ‘पवन हंस’ हेलीकॉप्टर को तकनीकी खराबी के कारण समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। हेलीकॉप्टर में सवार सभी सात यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। समय रहते पायलट के निर्णय से बड़ी दुर्घटना टल गई।
डीजीसीए के सख्त निर्देश
इन घटनाओं के बाद डीजीसीए ने एयरलाइंस को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। ऑपरेटरों को विमानों की मेंटेनेंस हिस्ट्री, पायलटों के अनुभव और सुरक्षा जांच की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया है। साथ ही सभी ऑपरेटरों की सेफ्टी रैंकिंग जारी करने और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की जांच तेज करने के आदेश दिए गए हैं।
पायलट और कंपनी दोनों होंगे जिम्मेदार
नई गाइडलाइन के तहत किसी भी सुरक्षा चूक के लिए केवल पायलट ही नहीं, बल्कि एयरलाइंस कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उड़ान समय सीमा का उल्लंघन करने वाले पायलटों के लाइसेंस निलंबित किए जा सकते हैं। साथ ही पुराने विमानों और मालिकाना हक बदलने वाले विमानों की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
डीजीसीए ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। एयरलाइंस को रियल टाइम मौसम और तकनीकी जानकारी साझा करने का सिस्टम मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।