तेज प्रताप और अनुष्का यादव के प्रेम प्रसंग पर अनुष्का के भाई का बयान!
संवाददाता
27 May 2025
अपडेटेड: 2:31 PM 0thGMT+0530
तेज प्रताप और अनुष्का यादव के प्रेम प्रसंग पर अनुष्का के भाई का बयान!
आकाश यादव ने स्पष्ट किया कि तेज प्रताप और अनुष्का की शादी हुई या नहीं, इस पर अभी सार्वजनिक रूप से नहीं कहा जा सकता ,क्योंकि यह पूरी तरह निजी मामला है. उन्होंने कहा, ‘अनुष्का अभी घर पर है और वह इस बारे में बात करेगी तो ज्यादा बेहतर होगा.’
तेज प्रताप यादव को राजद से बाहर निकाले जाने को लेकर उन्होंने कहा, ‘हम इसकी निंदा करते हैं. क्या तेज प्रताप ने कोई अपराध कर दिया है? क्या उन्होंने बलात्कार किया है या परिवार पर कोई दाग लगाया है?’ अनुष्का के भाई ने कहा कि लोकतंत्र में किसी को समाज का ठेकेदार नहीं समझना चाहिए.
(1). दो परिवारों की इज्जत को संभालना तेजस्वी की जिम्मेदारी—
लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव को आदरणीय बताते हुए आकाश ने कहा, ‘मैं लालू परिवार को सलाह देना चाहता हूं कि मेरी बहन के चरित्र पर जो अनर्गल बयानबाजी हो रही है, वह पूरी तरह गलत है. तेजस्वी यादव से कहना चाहूंगा कि दो परिवारों की इज्जत को संभालना अब उनकी जिम्मेदारी है.’
बयान में उन्होंने कहा, ‘हमारे पास खोने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन तेजस्वी यादव के पास बहुत कुछ है.’ उन्होंने यह जानकारी भी साझा की कि अनुष्का यादव स्वतंत्रता सेनानी आमिर गुरु जी की नातिन हैं, जिससे उनका परिवार सामाजिक और ऐतिहासिक रूप से प्रतिष्ठित है. इस पूरे विवाद में अब सियासी और पारिवारिक दोनों ही मोर्चों पर हलचल तेज हो गई है.
(2). फेसबुक पर किया प्यार का इजहार–
गौरतलब है कि हाल ही में तेज प्रताप ने अपने और अनुष्का के बीच रिलेशन को लेकर फेसबुक पर पोस्ट किया था. तेज प्रताप ने फेसबुक पर लिखा, ‘मैं तेज प्रताप यादव और मेरे साथ इस तस्वीर में जो दिख रही हैं, उनका नाम अनुष्का यादव है. हम दोनों पिछले 12 वर्षो से एक-दूसरे को जानते हैं और प्यार भी करते हैं । हम पिछले 12 सालों से एक रिलेशनशिप में रह रहे हैं ।
मैं बहुत दिनों से आपलोगों से यह बात कहना चाहता था, पर समझ नहीं आ रहा था कैसे कहूं… इसलिए आज इस पोस्ट के माध्यम से अपने दिल की बात आप सबके बीच रख रहा हूं. आशा करता हूं आप लोग मेरी बातों को समझेंगे.’
बता दें कि पोस्ट वायरल होने के बाद राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपने बेटे तेजप्रताप यादव को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया. तेजप्रताप को पार्टी से बाहर किए जाने के बाद इस मामले पर उनके छोटे भाई और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी प्रतिक्रिया दी थी. तेजस्वी ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें ये घटनाक्रम न तो अच्छा लगता है और न ही वह इसे बर्दाश्त करेंगे।
(3). अब क्या है विकल्प तेज प्रताप के सामने!
निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे, अलग पार्टी बनाएंगे या दूसरी पार्टी का दामन थामेंगे, जानिए तेज प्रताप के सामने क्या हैं विकल्प?
तेज प्रताप यादव को आरजेडी और परिवार से 6 साल के लिए बाहर कर दिया गया है. इस निर्णय के बाद उनके सामने नई पार्टी बनाने, जेडी (यू) या दूसरी पार्टी में शामिल होने या निर्दलीय चुनाव लड़ने जैसे विकल्प हैं. वे पहले भी कई संगठन बना चुके हैं और राजनीतिक सक्रियता दिखा चुके हैं. तेज प्रताप की आगे की रणनीति बिहार चुनाव में अहम भूमिका निभा सकती है.
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने रविवार को अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है और उनके ‘गैर-जिम्मेदाराना आचरण’ और पारिवारिक मूल्यों और सार्वजनिक शिष्टाचार से हटने का हवाला देते हुए पारिवारिक स्तर पर उनसे नाता तोड़ने का भी फैसला किया है.
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर इस रिश्ते के बारे में दो बार फोटो के साथ पोस्ट किया और दोनों बार पोस्ट को डिलीट कर दिया. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी फोटो पोस्ट कर रिश्ते को सार्वजनिक कर दिया. तेज प्रताप ने एक्स से भी पोस्ट को डिलीट कर दिया और अकाउंट हैक होने की बात दोहराई. शनिवार शाम से तेज प्रताप लगातार पोस्ट करते रहे और फिर डिलीट करते रहे. इसके बाद लालू यादव ने रविवार को एक के बाद एक पोस्ट करके तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से निष्कासित करने का ऐलान कर दिया. ऐसे में सवाल यह है कि तेज प्रताप यादव का अगला कदम क्या होगा?
(4). बिहार की राजनीति में हलचल तेज!
तेज प्रताप यादव कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं!
दरअसल, तेज प्रताप यादव की लव स्टोरी ने बिहार में हलचल मचा दी है. राज्य में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में तेज प्रताप यादव चुप नहीं बैठेंगे. कुछ लोगों का मानना है कि तेज प्रताप यादव कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि वे नई पार्टी बना सकते हैं या किसी दूसरी पार्टी से गठबंधन कर सकते हैं. चूंकि अब आरजेडी के दरवाजे बंद हो चुके हैं, इसलिए वे अपनी नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं. वे आगे क्या कदम उठाएंगे, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा. इससे पहले जब आरजेडी में उन्हें महत्व नहीं दिया गया था, तब उन्होंने कई संगठन बनाए थे ।