तेलंगाना हादसे में लोगों के फसने की आशंका….फंसे लोगों की कोई खबर नहीं
संवाददाता
27 February 2025
अपडेटेड: 7:24 AM 0thGMT+0530
हादसे में फंसे लोगों की खोज जारी
तेलंगाना! तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में SBLC सुरंग ढहने की घटना के बाद से ही सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों को बचाने के लिए बचाव अभियान लगातार चल रहा है। वहीं आज से बचाव अभियान को और तेज गति से भी किया जाएगा, जिसमें कन्वेयर बेल्ट को ठीक और टनल में फंसे बोरिंग मशीन को काटने की तैयारी भी की जा रही है।
तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल टनल के आंशिक रूप से ही ढहने के कारण हुए हादसे के बाद ही टनल में फंसे 8 लोगों को बचाने के लिए भी बचाव कार्य को और तेजी से भी चलाया जा रहा है! ताजा जानकारी के मुताबिक भी बताया जा रहा है कि बचाव दल अब टनल बोरिंग मशीन (टीवीएम) के फंसे हुए हिस्से और पत्थरों को गैस कटर की मदद से भी काट रहे हैं, जिससे फंसे हुए लोगों तक पहुंचा भी जा सके। बीती रात में भी कटाई का काम लगातार जारी रहा है। बचाव कार्य की मौजूदा स्थिति
बचाव अभियान को और तेज करने के लिए क्षतिग्रस्त कॉन्वेयर बेल्ट को आज ही ठीक करने की कोशिश भी की जा रही है ताकि मलबा भी बाहर निकाला जा सके। बचाव अभियान में सेना, नौसेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और रैट माइनर्स की टीम एक साथ मिलकर ही काम कर रही हैं। इसकी जानकारी देते हुए कहा गया है कि तेलंगाना के मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा है कि टनल बोरिंग मशीन के फंसे हुए हिस्से को टुकड़ों में काटकर ही हटाया जाएगा ताकि आगे का रास्ता भी साफ हो सके।
क्या मजदूर डर के कारण ही काम छोड़ रहे हैं?
बता दें कि श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल परियोजना में कुल 800 मजदूर भी काम कर रहे हैं, जिनमें 300 स्थानीय और बाकी झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से भी हैं। वहीं इस हादसे के बाद कुछ मजदूर डर के कारण काम भी छोड़कर वापस जाने की सोच भी रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि कोई बड़े पैमाने पर पलायन ही नहीं हुआ है। और कंपनी ने मजदूरों के लिए रहने की व्यवस्था भी की है।
आईए जानते हैं सुरंग में फंसे हुए लोग कोन हैं?
मनोज कुमार, उत्तर प्रदेश
श्रीनिवास, उत्तर प्रदेश
सनी सिंह, जम्मू-कश्मीर
गुरप्रीत सिंह, पंजाब
संदीप साहू, झारखंड
जेटा एक्सेस, झारखंड
संतोष साहू, झारखंड
अनुज साहू, झारखंड
सुरंग में फंसे हुए आठ लोगों में दो इंजीनियर, दो ऑपरेटर और चार मजदूर भी शामिल हैं। बता दें कि जयप्रकाश एसोसिएट्स को इस सुरंग परियोजना का ठेका भी मिला था। वहीं इस घटना पर कंपनी के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने कहा है कि मुश्किल कामों में हादसे भी हो सकते हैं, लेकिन बचाव दल पूरी कोशिश भी कर रहा है कि सभी को सुरक्षित बाहर ही निकाला जाए।