दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण का स्तर
संवाददाता
31 March 2025
अपडेटेड: 7:28 AM 0stGMT+0530
इस वर्ष नए रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद
इस वर्ष नए रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद
सर्दियों में कम बारिश और अब तेज गर्मी के कारण, इस वर्ष पहले तीन माह सबसे अधिक प्रदूषित रहे। पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में वृद्धि देखी गई है। निर्माण कार्यों के चलते गर्मियों में धूल प्रदूषण भी बढ़ने की आशंका है।
सर्दियों में कम बारिश और अब तेज गर्मी की वजह से इस वर्ष के पहले तीन माह सात वर्षो में सबसे अधिक प्रदूषित रहे हैं। पीएम 2.5 का स्तर 2018 के बाद इतना अधिक रहा है। वहीं GRAP, मॉनसून की वजह से कंस्ट्रक्शन में आ रही बाधाओं की वजह से निर्माण कार्यों पर सबसे अधिक जोर भी मार्च से जून तक रहने लगा है। वहीं पूर्वानुमान के अनुसार, इस साल बारिश काफी कम होने की संभावना है, ऐसे में धूप के साथ कुछ अन्य प्रदूषण लोगों को गर्मियों में भी परेशान करेंगे। इन सबके बीच ओजोन प्रदूषण की समस्या इस साल मार्च में ही शुरू हो गई है।
सीपीसीबी के मुताबिक, इस वर्ष एक जनवरी से 26 मार्च तक पीएम 2.5 का स्तर 114.01 एमजीसीएम रहा है। इससे पहले यह 2018 में 114.30 एमजीसीएम रहा था। पीएम 10 का स्तर भी इस बार 2019 के बाद सबसे अधिक रहा है। एक जनवरी से 26 मार्च तक पीएम 10 का स्तर 216.59 एमजीसीएम रहा। यह 2019 में 217.87 एमजीसीएम था।
शुष्क और गर्म मौसम की वजह से इस वर्ष मार्च के 30 दिनों में 17 दिन ओजोन प्रदूषण तय मानकों से अधिक रहा है। इसके साथ ही ओजोन के अधिक होने पर सिरदर्द, थकान, चिड़चिड़ेपन के साथ अपच, अनिद्रा और भूख की समस्या भी हो सकती है। आमतौर पर राजधानी में ओजोन का प्रदूषण अप्रैल के अंतिम दिनों और गर्मियों के दौरान अधिक होता है।
मॉनसून में बारिश की वजह से निर्माण कार्य प्रभावित रहता है। वहीं, सर्दियों में GRAP की वजह से निर्माण कार्य पर असर पड़ता है। ऐसे में बिल्डर, प्रोजेक्ट डिवेलपर्स और आम लोग भी निर्माण कार्य के दौरान मार्च से जून तक के माह पर फोकस करने लगे हैं। यह ट्रेंड 2017 के बाद से दिखने लगा है। बिल्डर आरके सक्सेना ने कहा कि फरवरी से लेकर जून तक काम अत्यधिक तेजी गति से और बिना व्यवधान के होता है। वही सर्दियों में तो रफ्तार महज 30 से 35 प्रतिशत की रह जाती है। डीपीसीसी के एक अधिकारी के अनुसार, निर्माण कार्य की वजह से अब गर्मियों में धूल की समस्या बढ़ने लगी है। शुष्क मिट्टी काफी दूर तक उठती है और पीएम 10 बढ़ाती है। एक्सपर्ट वी के शुक्ला का कहना है कि समर एक्शन प्लान में अब इसके लिए भी कुछ प्लानिंग करना जरूरी है। इसकी वजह से डस्ट प्रदूषण बढ़ रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार गर्मियां भी प्रदूषित रहने का अनुमान है। हालंकि दिल्ली में बनी नई बीजेपी सरकार ने समर एक्शन प्लान पर काम शुरू कर दिया है। एक अप्रैल से पुरानी गाड़ियों को ईंधन मिलना भी बंद हो जाएगा, लेकिन धूल से निपटना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। बीते रविवार को पर्यावरण मंत्री ने सख्ती दिखाते हुए महिपालपुर कंस्ट्रक्शन साइट का दौरा कर स्पष्ट कर दिया था कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेकिन दिल्ली में नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद से भी काफी धूल आ रही है।