दिल्ली विधानसभा में घमासान; आतिशी पर हुई कार्रवाई की मांग:

khabar pradhan

संवाददाता

8 January 2026

अपडेटेड: 5:03 PM 0thGMT+0530

दिल्ली विधानसभा में घमासान; आतिशी पर हुई कार्रवाई की मांग:



दिल्ली में देर रात चले बुल्डोजर की कार्रवाई के बाद अब दिल्ली की सियासत गरमाई हुई है। अब आतिशी की आतिश में दिल्ली विधानसभा में इस समय जमकर हंगामा चल रहा है ।आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अतिशी के कथित बयान को लेकर सियासी घमासान और तेज हो गया है।

दरअसल, ये पूरा विवाद सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर दिल्ली विधानसभा में हुई एक विशेष चर्चा से जुड़ा है। बीजेपी का आरोप है कि इस ऐतिहासिक और श्रद्धा से जुड़े विषय पर नेता प्रतिपक्ष अतिशी ने अपने शब्दों से गुरु तेग बहादुर जी का अपमान किया, जिससे सिख समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।‌इस मुद्दे पर अब भारतीय जनता पार्टी लगातार हमलावर है।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने उठाए सवाल:

बीजेपी विधायक और दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस मामले को लेकर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को एक औपचारिक पत्र लिखा है। अपने पत्र में सिरसा ने अतिशी के कथित बयान को अत्यंत आपत्तिजनक बताया।‌ उन्होंने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी इस मुद्दे पर कड़ा बयान दिया है।‌

प्रवेश वर्मा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया।
दिल्ली विधानसभा में भी इस विषय पर विशेष चर्चा रखी गई थी, लेकिन नेता प्रतिपक्ष अतिशी ने न तो इस पर एक शब्द कहा और न ही गुरु के बलिदान का सम्मान किया।  बल्कि इसके विपरीत जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वह हमारे गुरुओं का अपमान है। प्रवेश वर्मा ने आगे कहा कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने ऐसा आचरण किया।

कार्रवाई की उठी मांग:

उन्होंने मांग की कि अतिशी को तत्काल सदन में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना चाहिए, और विधानसभा अध्यक्ष ये तय करें कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होनी चाहिए।

अकाली दल ने भी कहा अपमानजनक:

इस पूरे मामले में अब शिरोमणि अकाली दल भी खुलकर सामने आ गया है। अकाली दल ने अतिशी के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोलते हुए इसे सिख गुरुओं का अपमान करार दिया है। शिरोमणि अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप क्लेर ने अतिशी की टिप्पणियों को बेहद शर्मनाक अपमानजनक और अशोभनीय बताया है।‌उन्होंने कहा कि अतिशी ने अपने बयानों से हमारे पूज्य सिख गुरुओं का अपमान किया है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।  इस कृत्य के लिए अतिशी की विधानसभा सदस्यता तुरंत रद्द की जानी चाहिए। बीजेपी और अकाली दल का साफ कहना है कि ये मामला केवल राजनीतिक नहीं है,बल्कि आस्था, सम्मान और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ विषय है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। अब सवाल ये है कि क्या अतिशी इस पूरे विवाद पर सदन में आकर सफाई देंगी? क्या विधानसभा अध्यक्ष उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे?

क्या ये सियासी विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा।‌इन तमाम सवालों के जवाब फिलहाल आने बाकी हैं। लेकिन इतना तय है कि दिल्ली की राजनीति में ये मुद्दा अब गरमाता जा रहा है।‌

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