दिल्ली शराब घोटाला मामले में केजरीवाल -सिसोदिया हुए कोर्ट से बरी:
संवाददाता
27 February 2026
अपडेटेड: 6:50 PM 0thGMT+0530
नई दिल्ली :
27 फरवरी 2026:
दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मामले पर बड़ी खबर सामने आई है ।कोर्ट के एक फैसले से सनसनी मची है।
आखिर ये कैसे हुआ।
लेकिन फैसला कोर्ट का जहां गवाहों और बयानों के सबूत पर फैसला सुनाया जाता है लेकिन जिसने भी सुना उसे यकीन करना थोड़ा मुश्किल ही रहा।
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपमुक्त कर दिया है। दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मामले में कोर्ट से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है। यानी
राउज एवेन्यू कोर्ट से दोनों को क्लीन चिट मिली है। पूर्व सीएम और पूर्व डिप्टी समेत इस केस से जुड़े सभी 23 लोगों को आरोपमुक्त किया गया है।
कोर्ट से बाहर निकाल कर भावुक हुए केजरीवाल:
दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े CBI के मामले पर राउज कोर्ट का फैसला आया है। कोर्ट से बाहर निकलने के बाद पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल बेहद भावुक हो गए यहां तक कि वो रोने लगे। मनीष सिसोदिया उस वक्त उपमुख्यमंत्री थे और आप सरकार में आबकारी विभाग उन्हीं के पास था ।

कोर्ट के फैसले के अनुसार दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल कथित दिल्ली शराब घोटाले में बरी हो गए हैं। केजरीवाल के साथ पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को भी राउज एवन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने आज शुक्रवार को अपने फैसले में आबकारी नीति मामले में आरोपी नंबर 18 केजरीवाल और सिसोदिया को आरोप से मुक्त कर दिया।

क्या कहा कोर्ट ने अपने फैसले में:

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि चार्जशीट में कई ऐसी कमियां हैं, जिनका सबूतों से समर्थन नहीं मिलता। कोर्ट का फैसला सुनते ही कोर्ट रुम में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया अपने वकील हरिहरन के गले लगे।
शराब घोटाले की जांच कर रही थी ईडी:
आपको याद दिला दें कि शराब घोटाला मामले की जांच कर रही ईडी ने 21 मार्च 2024 को अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया था। वो तिहाड़ जेल में बंद थे, गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल ने जमानत के लिए हाईकोर्ट का रूख किया था। लेकिन कोर्ट ने ईडी के पर्याप्त सबूतों को आधार मानकर उनकी याचिका रद्द कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शराब नीति घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर ED ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया । पिछली सुनवाई शीर्ष अदालत ने जांच एजेंसी से इस मामले में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था। इस मामले में अगली सुनवाई आगे बढ़ा दी गई थी।
लेकिन आज की सुबह केजरीवाल के लिए खुशखबरी लेकर आई।केजरीवाल ने कहा कि सत्य की जीत होती है। उन्हें भारतीय न्याय प्रणाली पर भरोसा रहा। आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए सबसे बड़े 5 नेताओं को जेल में डाल दिया गया। सीटिंग सीएम को घर से घसीटकर जेल में डाल दिया गया… मौजूदा उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 2 साल तक जेल में डाल दिया। पूर्व सीएम केजरीवाल ने कहा कि कोर्ट के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि केजरीवाल ईमानदार है ।
आज का दिन केजरीवाल के लिए और उनके परिवार के लिए था।.जो बड़ी राहत लेकर आया औऱ अब फुल पावर से केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, बीजेपी और केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
उन्होंने निशाना साधते हुए कहा, पूरा केस फर्जी था….AAP के खिलाफ साजिश रची गई. आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए सभी बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया था. पार्टी के 5 सबसे बड़े नेताओं को गिरफ्तार किया. एक मौजूदा CM को गिरफ्तार किया गया।
आप नेता संजय सिंह ने प्रधानमंत्री पर लगाया आरोप:
आप नेता संजय सिंह ने एक चैनल से बात करते हुए सीधा प्रधानमंत्री को टारगेट कर कहा कि प्रधानमंत्री की ये कोड़े वाली तानाशाही थी । उसका पर्दाफाश हुआ है और देश के सामने उनकी कूड़े वाली सोच को कूड़ेदान में डाला है।
ईडी ने क्या लगाए थे आरोप:
इसके पहले केजरीवाल से पूछताछ के लिए ED ने 9 बार समन जारी किया था। पर वो पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए। ईडी ने अपने जवाब में आरोप लगाया था कि सीएम ने लगातार जांच से बचने की कोशिश की है। आगे ईडी ने अपने हलफनामे में बताया कि हाईकोर्ट से जब अरविंद केजरीवाल गिरफ्तारी से संरक्षण जैसी राहत नहीं ले पाए तो उसके बाद ही 21 मार्च को उनकी गिरफ्तारी की गई। तब आप ने आरोप लगाते हुए कहा था जांच एजेंसी BJP के राजनीतिक दल की तरह काम कर रही है। केजरीवाल के खिलाफ ईडी के पास एक भी सबूत नहीं है। ये जांच ED की नहीं ये तो BJP की जांच है। आप ने कहा कि बीजेपी अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकना चाहती है, यही वजह है कि चुनाव से ऐन पहले उनकी गिरफ्तारी की गई। फिलहाल शराब घोटाले के मामले में कोर्ट से बरी होने के बाद AAP संयोजक केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने खुशी जताई है कहा आज सत्य की जीत हुई है।कोर्ट का फैसला है कोई कुछ नहीं कहेगा।

लेकिन इस पूरे मामले में बहस और विश्लेषण की गुंजाइश तो बनती है….क्योंकि जांच एजेंसियों पर भी सवाल तो उठते हैं….जब सिटिंग सीएम को जेल में डाला गया, आरोप प्रत्यारोप का दौर तो अब शुरू होगा । और देखना होगा बीजेपी अब इस पर क्या जवाब देती है।