दिल्ली सीलमपुर हत्याकांड: लेडी डॉन जिकरा से पूछताछ में खुलासा

khabar pradhan

संवाददाता

19 April 2025

अपडेटेड: 1:00 PM 0thGMT+0530

कुणाल की हत्या से पहले की थी रेकी, नाबालिगों का गैंग था तैयार

दिल्ली के सीलमपुर इलाके में 17 अप्रैल 2025 की शाम 17 वर्षीय कुणाल की चाकू मारकर हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हत्याकांड की मुख्य accused, जिसे ‘लेडी डॉन’ के नाम से जाना जाता है, जिकरा को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में जिकरा ने बताया कि कुणाल की हत्या से पहले उसकी रेकी की गई थी, और इस वारदात को अंजाम देने के लिए नाबालिगों का एक गैंग तैयार किया गया था। जिकरा कुख्यात हाशिम बाबा गैंग से जुड़ी है और अपने भाई के साथ मिलकर एक अलग गैंग चला रही थी। इस खुलासे ने दिल्ली में संगठित अपराध और नाबालिगों के इस्तेमाल की गंभीर समस्या को उजागर किया है।
कुणाल हत्याकांड का घटनाक्रम
17 अप्रैल की शाम सीलमपुर के एक व्यस्त इलाके में 17 वर्षीय कुणाल पर कुछ हमलावरों ने चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, यह हमला सुनियोजित था और इसके पीछे पुरानी रंजिश का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया, और कुछ हिंदू परिवारों ने डर के कारण अपने घर छोड़ दिए।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जिकरा को गिरफ्तार किया और तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया। जांच में पता चला कि जिकरा और उसका गैंग कुणाल को निशाना बनाने की पहले से योजना बना रहा था। जिकरा के हाथ पर ‘लेडी डॉन’ लिखा हुआ है, जो उसकी आपराधिक पहचान को दर्शाता है।
जिकरा की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस पूछताछ में जिकरा ने कई अहम जानकारियां दीं। उसने बताया कि कुणाल की हत्या से पहले उसके गैंग ने कई दिनों तक उसकी रेकी की थी। गैंग ने कुणाल की दिनचर्या, आने-जाने के रास्ते और समय का पता लगाया था। हमले के लिए नाबालिग लड़कों को चुना गया, ताकि पुलिस की कार्रवाई में उन्हें आसानी से बचाया जा सके। जिकरा ने यह भी कबूल किया कि उसका गैंग हाशिम बाबा गैंग के इशारे पर काम करता था, लेकिन वह और उसका भाई अब अपना अलग गैंग चला रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, जिकरा का गैंग न केवल हत्या और उगाही जैसे अपराधों में शामिल है, बल्कि नाबालिगों को अपराध की दुनिया में धकेलने का काम भी कर रहा है। गैंग में शामिल कुछ लड़के 15 से 17 साल के हैं, जिन्हें छोटे-मोटे अपराधों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस खुलासे ने दिल्ली में नाबालिगों के अपराध में बढ़ते उन्होंने दुरुपयोग को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पुरानी रंजिश थी कारण
पुलिस जांच में सामने आया कि कुणाल की हत्या का कारण पुरानी रंजिश थी। जिकरा और कुणाल के बीच पहले से विवाद चल रहा था, जिसकी वजह कोई स्थानीय गैंग प्रतिद्वंद्विता थी। सूत्रों के अनुसार, कुणाल का किसी अन्य स्थानीय गैंग से संपर्क था, जिसे जिकरा का गैंग खतरा मानता था। इस रंजिश को खत्म करने के लिए जिकरा ने कुणाल को निशाना बनाया। पुलिस अब इस गैंग प्रतिद्वंद्विता के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में हत्या (IPC धारा 302) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। जिकरा के अलावा तीन अन्य संदिग्धों, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं, को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं।
पुलिस आयुक्त ने कहा, “यह एक गंभीर मामला है, और हम इसे प्राथमिकता पर जांच रहे हैं। जिकरा और उसके गैंग के अन्य सदस्यों की पूरी आपराधिक हिस्ट्री खंगाली जा रही है। नाबालिगों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।” पुलिस अब हाशिम बाबा गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
इलाके में तनाव और सामाजिक प्रतिक्रिया
कुणाल की हत्या के बाद सीलमपुर में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैंगवार और आपराधिक गतिविधियों के कारण इलाका असुरक्षित हो गया है। कुछ परिवारों ने डर के कारण अपने घर छोड़ दिए हैं, और स्थानीय व्यापारियों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर दिल्ली सरकार और पुलिस पर निशाना साधा है। एक AAP विधायक ने कहा, “हम इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” वहीं, BJP ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता करार दिया और उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
नाबालिगों का अपराध में दुरुपयोग
जिकरा के खुलासे ने दिल्ली में नाबालिगों के अपराध में बढ़ते इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गैंग अक्सर नाबालिगों को अपराध के लिए इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई में रियायत मिलती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सरकार नाबालिगों को अपराध की दुनिया से बचाने के लिए पुनर्वास और शिक्षा कार्यक्रम शुरू करे।
आगे क्या?
यह हत्याकांड न केवल सीलमपुर की गैंगवार को उजागर करता है, बल्कि दिल्ली में संगठित अपराध और नाबालिगों के दुरुपयोग की गंभीर समस्या को भी सामने लाता है। जिकरा की गिरफ्तारी और उसके खुलासे के बाद पुलिस पर दबाव है कि वह गैंग के अन्य सदस्यों को जल्द पकड़े। साथ ही, इस मामले ने स्थानीय प्रशासन के सामने इलाके में शांति और सुरक्षा बहाल करने की चुनौती खड़ी कर दी है।
कुणाल के परिवार ने न्याय की मांग की है और कहा है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, खासकर अगर जांच में गैंगवार के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।

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