दुष्कर्म के आरोपों से घिरे कथा वाचक उत्तम स्वामी ने बीच में छोड़ी कथा, आश्रम से भी बनाई दूरी:

khabar pradhan

संवाददाता

15 February 2026

अपडेटेड: 12:42 AM 0thGMT+0530

दुष्कर्म के आरोपों से घिरे कथा वाचक उत्तम स्वामी ने बीच में छोड़ी कथा, आश्रम से भी बनाई दूरी:

कथावाचक उत्तम स्वामी पर लगे गंभीर दुष्कर्म के आरोपों के बाद शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। नियोजित कथा कार्यक्रम के दौरान उत्तम स्वामी कथा स्थल पर नहीं पहुंचे और बीच में ही कथा छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने आश्रम से भी दूरी बनाते हुए वहां से किनारा कर लिया।

जानकारी के अनुसार, उत्तम स्वामी जबलपुर के हीरापुर बंधा गांव स्थित आश्रम में चल रही भागवत कथा में व्यासपीठ पर बैठने वाले थे, लेकिन कथा के पांचवें दिन वे कथा करने नहीं पहुंचे। उनकी जगह उनके शिष्य ने कथा को आगे बढ़ाया।

कार्यक्रम आयोजक विश्वजीत सिंह ने बताया कि गुरुवार तक उत्तम स्वामी स्वयं व्यासपीठ पर मौजूद थे, लेकिन शुक्रवार को अचानक उनकी तबीयत खराब होने की बात कही गई। उन्होंने यह भी कहा कि कथा 15 फरवरी तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

हालांकि, सूत्रों के मुताबिक कथा स्थल पर शुक्रवार को भीड़ अपेक्षाकृत कम दिखाई दी। उत्तम स्वामी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और दोपहर बाद आश्रम छोड़कर नजदीकी गांव में एक शिष्य के घर चले गए।

क्षेत्र के कुछ संत-पुजारियों में इस घटनाक्रम को लेकर नाराजगी की चर्चा है, हालांकि किसी ने खुलकर बयान नहीं दिया। वहीं स्थानीय विधायक नीरज सिंह भी शुक्रवार को कथा स्थल पर नहीं पहुंचे। बताया गया कि वे किसी कार्यकर्ता के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे।

सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी प्रतिक्रिया:

दुष्कर्म के आरोपों के बीच उत्तम स्वामी की ओर से सोशल मीडिया पर भी एक पोस्ट सामने आई है, जिसमें उन्होंने लिखा—
आज मेरी, कल तेरी बारी है…
इस पोस्ट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।

महर्षि से महामंडलेश्वर तक का सफर:

उत्तम स्वामी का सफर राजस्थान के बांसवाड़ा से शुरू हुआ था। उन्होंने 22 जुलाई 2013 को उदयपुर रोड स्थित रवीन्द्र ध्यान केंद्र के रूप में पहला आश्रम स्थापित किया था, जिसे बाद में उत्तम सेवा धाम नाम दिया गया।

इसके बाद हरिद्वार, उज्जैन सहित कई स्थानों पर उनके आश्रम बने। 10 अप्रैल 2021 को हरिद्वार महाकुंभ में उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई और ईश्वरानंद नाम प्रदान किया गया।

दिल्ली पुलिस पहुंची पीड़िता के ठिकाने पर, जांच शुरू:

मामले में पीड़िता के ठिकाने पर दिल्ली पुलिस पहुंच चुकी है और जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। पीड़िता ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ईमेल भेजकर सुरक्षा की मांग की थी।

पीड़िता का आरोप है कि उत्पीड़न की शुरुआत उज्जैन से हुई थी और बाद में दबाव डालकर उसे भोपाल बुलाया गया, जहां कथित तौर पर कर्मकांड और ध्यान प्रक्रिया की आड़ में दुष्कर्म किया गया।

सूत्रों के अनुसार राजस्थान और नर्मदापुरम में भी उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही यह भी आरोप है कि उत्तम स्वामी द्वारा उपयोग किए जा रहे तीन मोबाइल नंबर महिलाओं के नाम पर हैं।

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