देश का पहला बिना बैरियर वाला टोल बूथ गुजरात के सूरत में हुआ शुरू:
संवाददाता
6 February 2026
अपडेटेड: 11:25 PM 0thGMT+0530
गुजरात के सूरत से बिना बैरियर वाला टोल बूथ हुआ शुरू:
टोल वसूली में बदलाव की हुई शुरुआत:
जब भी हम हाईवे पर सफर करते हैं टोल प्लाजा पर रुकने पर सफर में व्यवधान पैदा होता है अब वक्त आ गया है की टोल प्लाजा पर अब ब्रेक लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी ना लंबी कटारे ना रुकने का झंझट और ना ही समय होगा बर्बाद।
अब देश में टोल कलेक्शन सिस्टम को बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाए जा रहा है।
दरअसल गुजरात के सूरत में भारत का पहला मल्टीलेन बैरियर फ्री टोल प्लाजा बनकर तैयार हो गया है और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस अत्याधुनिक टूल सिस्टम का ट्रायल भी करने जा रही है।
देश का पहला बिना बैरियर का टोल बूथ गुजरात के सूरत में शुरू किया गया है। NH-48 पर चौरासी टोल नाका पर बने इस मानव रहित बूथ से वाहन बिना रुके निकाल सकेंगे । और फास्ट टैग के जरिए टोल शुल्क कट जाएगा। एनएचएआई के मुताबिक 15 करोड़ की लागत से विशेष स्टील गैंट्री पर जीपीएस से लैस 36 हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं ।
अभी तक यह तकनीक दुबई अमरीका ऑस्ट्रेलिया में इस्तेमाल की जा रही है।
ऐसे ही तकनीक कर्नाटक में मैसूर बेंगलुरु हाईवे पर जून से शुरू होने वाली है।
इस टोल बूथ पर जानने योग्य जानकारी:
ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर )कैमरे नंबर प्लेट पढ़ेंगे। वाहन फास्ट टैग उल्लंघन के रूप में दर्ज होगा ,डाटा कंट्रोल रूम जाएगा। नोटिस ई चालान भेज कर जुर्माना या टोल टैक्स वसूला जाएगा।
यदि फास्ट टैग नहीं है या बैलेंस नहीं है तो क्या होगा:
आधुनिक सिस्टम फास्ट टैग स्कैन करेगा। बैलेंस कम होने पर एंट्री डिफाल्टर के रूप में दर्ज होगी। वाहन मालिक को एसएमएस या ऐप अलर्ट के जरिए सूचना भेजी जाएगी। तय समय में रिचार्ज ना करने पर पेनल्टी या ई-चालान भेजा जाएगा।
यदि जानबूझकर टोल चोरी की तो क्या होगा:
हर लेन में रडार प्लस लिडार युक्त दो कैमरें हैं ,जो 360 डिग्री पर रिकॉर्डिंग करते हैं । रियल टाइम डाटा (एनएचएआई) सर्वर पर दर्ज होगा। इसलिए यदि जानबूझकर टोल चोरी की जाएगी तो भी शिकायत दर्ज होगी और कारवाई की जाएगी।