धार के मुख्य डाकघर में 35 लाख से अधिक का घोटाला आया सामने:
पोस्ट मास्टर सहित तीन कर्मचारियों पर FIR दर्ज:
संवाददाता
7 January 2026
अपडेटेड: 1:11 PM 0thGMT+0530
धार / धार में पोस्ट ऑफिस में 35 लाख से अधिक का घोटाला सामने आया है। इस घोटाले में पोस्ट मास्टर सहित तीन कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है।
डाकघर में कार्यरत सभी कर्मचारियों की मिलीभगत से शासकीय योजना की राशि में करीब 35 लाख का गबन के गंभीर आरोप सामने आए हैं।जांच के बाद पोस्ट मास्टर,डिप्टी पोस्ट मास्टर और डाक सहायक पर अपराधिक प्रकरण दर्ज कर निलंबित कर दिया है।
डाक विभाग द्वारा करवाई:
यह कार्रवाई डाक विभाग के इंदौर नगरेतर संभाग के अधीक्षक द्वारा जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
जिसमें यह पाया गया की 1 मार्च से लेकर दिसंबर 2025 तक कई अनियमितताएं की गई हैं।
इंदौर संभाग के डाक अधीक्षक ने साल 2025 में 20 अप्रैल, 30 अगस्त, 9 अक्टूबर ,11 अक्टूबर और 16 अक्टूबर को नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट के मूल प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया।
और जांच में पाया कि यह सभी प्रमाण पत्र लाडली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत जारी किए गए थे और इनका भुगतान महिला एवं बाल विकास विभाग की एकीकृत बाल विकास से बना परियोजना के माध्यम से साल 2019 में कर दिया गया था।
इस भुगतान के बावजूद पिनेकल सॉफ्टवेयर में प्रमाण पत्रों को लाइव दिखाकर धार प्रधान डाकघर में दोबारा नगद भुगतान किया गया।
क्या है आरोप:
जांच में यह पाया गया की उप डाकघर से साल 2013 में जो प्रमाण पत्र जारी किए गए थे और डिस्चार्ज के बाद प्रधान डाकघर में सुरक्षित रखे गए थे उन्हें अनधिकृत रूप से ट्रांसफर कर पुणे नगद भुगतान कराया गया और इस प्रक्रिया में करीब 3 लाख 57000 ₹21 की शासकीय राशि का पुनः भुगतान किया गया।
इस पूरे प्रकरण में डिप्टी पोस्ट मास्टर निर्मल सिंह पवार ,पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना और डाक सहायक मेपाल सिंह गुंडिया ने अपनी अपनी फिनेकल आईडी का दुरुपयोग कर इन प्रमाण पत्रों को अनफ्रीज किया और नगद भुगतान प्राप्त किया।
इस जांच के बाद पोस्ट मास्टर,डिप्टी पोस्टमास्टर और डाक सहायक को निलंबित कर दिया गया है
23 लाख का गबन नवंबर से दिसंबर तक:
जांच में यह पाया गया कि नवंबर से दिसंबर तक करीब 23 लाख की अनियमित पाई गई और नान पॉस चेक के माध्यम से जमा की गई।
इस पूरी प्रक्रिया में अजीत सिंह कुशवाहा के 8 लाख संजय निगम के 5 लाख सुरेंद्र सोनी के 10 लाख रूपयों हाथों से जुड़ी करीब 23 लाख की राशि का गबन किया गया।
कर्मचारियों को किया निलंबित:
जांच के आधार पर पोस्टमास्टर डिप्टी पोस्टमास्टर और उसके और डाक सहायक को निलंबित किया जा चुका है नौगांव पुलिस ने इन निलंबित कर्मचारियों के खिलाफ शासकीय राशि के धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।