*नए श्रम कानूनों के विरोध में ट्रेड यूनियन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल आज*
संवाददाता
12 February 2026
अपडेटेड: 2:29 PM 0thGMT+0530
नए श्रम कानूनों के विरोध तथा निजीकरण के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आवाहन किया है। बैंकिंग, आयकर, डाक, बीमा, बिजली कर्मचारी, इंजीनियर सहित कई सरकारी व अर्द्धसरकारी कर्मचारी आंदोलन में भाग लेंगे। श्रमिक संगठनों ने दावा किया है कि देशभर में 25 से 30 करोड़ और भोपाल से लगभग 75000 कर्मचारी-अधिकारी, मजदूर, किसान, हम्माल आंदोलन में शामिल हो सकते हैं।
देश के 11 में से 10 केंद्रीय मजदूर संगठनों ने हड़ताल का समर्थन किया है। भारतीय मजदूर संघ इसमें शामिल नहीं होगा। बैंक यूनियन लीडर वीके शर्मा ने बताया कि विभिन्न सेक्टोरल फेडरेशन, स्वतंत्र यूनियनें और संयुक्त किसान मोर्चा भी आंदोलन के समर्थन में हैं।
*हड़ताल के प्रमुख कारण*
नए लेबर कोड का विरोध
बैंक व सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण का विरोध
न्यूनतम वेतन 26,000 करने की मांग
पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग
ठेका, आउटसोर्सिंग व फिक्स्ड टर्म रोजगार का विरोध।
*ये क्षेत्र प्रभावित रहेंगे*
राष्ट्रीयकृत व निजी बैंक
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक बीमा क्षेत्र
आयकर विभाग डाक विभाग
वित्तीय संस्थान व सहकारी बैंक
कुछ सार्वजनिक उपक्रम में भी नकद लेनदेन, चेक क्लियरिंग, शाखा सेवाएं और बीमा क्लेम कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं l
मध्य प्रदेश में बैंक, बीमा, डाक, विद्युत, परिवहन व अन्य विभागों की श्रमिक यूनियनें हड़ताल में शामिल होंगी। 1.5 से 2 लाख कर्मचारी प्रदेश में भाग ले सकते हैं। बैंकिंग सेक्टर से सबसे ज्यादा कर्मचारियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
*संशोधन वापस लेने की मांग*
यूनियनों का आरोप है कि नए लेबर कोड से हड़ताल अधिकार सीमित होंगे, यूनियन बनाना कठिन होगा और काम बढ़ेगा।
*सरकार से संवाद की कमी*
संगठनों का कहना है कि श्रम नीतियों पर हमसे कोई परामर्श नहीं लिया गया है अतः हड़ताल ही आखिरी विकल्प है।