नर्सरी की आड़ में चल रहा नशे की फैक्ट्री

khabar pradhan

संवाददाता

15 January 2026

अपडेटेड: 6:21 PM 0thGMT+0530

नर्सरी की आड़ में चल रहा नशे की फैक्ट्री


नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ नारकोटिक्स विभाग की बड़ी कार्रवाई:
MSME के नाम पर नर्सरी रजिस्टर्ड– चल रही थी एमडी ड्रग्स फैक्ट्री:

मध्य प्रदेश इंदौर:
आगर मालवा जिले में एमडी  ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ी गई ,जो एमएसएमई में नर्सरी के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
यह नर्सरी ‘तीर्थ उद्यम फर्म ‘ के नाम से संचालित हो रही थी।  उद्योग विभाग में इसका लघु और सूक्ष्म उद्योग के रूप में रजिस्ट्रेशन 29 जून 2024 को इंदौर में कराया गया था।  जबकि प्लॉट की रजिस्टर्ड लोकेशन इंदौर के नासिया रोड की दर्शाई गई थी।

नारकोटिक्स विभाग की बड़ी कार्रवाई:
नशे के खिलाफ चल रही इस मुहिम में नारकोटिक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
यहां नारकोटिक्स टीम की संयुक्त कार्रवाई में करीब 10 करोड रुपए की मादक पदार्थ एमडी ड्रग्स जफ्त की गई है । ड्रग्स बनाने की पूरी लैब को ध्वस्त भी कर दिया गया है।
यह आमला क्षेत्र स्थित तीर्थ हर्बल फर्म हाउस में चल रही थी।
नारकोटिक्स विभाग को सूचना के आधार पर यहां नर्सरी के नाम पर पता चला कि यहां नशीले पदार्थ की फैक्ट्री संचालित हो रही थी ।‌नारकोटिक्स विभाग की टीम पांच वाहनों के साथ सुबह 4:00 बजे फर्म हाउस पहुंची।  उस समय यहां कोई भी ग्राहक मौजूद नहीं था।  अधिकारी नर्सरी परिसर के अंदर पहुंचे, तब वहां नर्सरी की जगह अवैध ड्रग्स लैब का पता चला।

नारकोटिक्स विभाग के अधीक्षक वीएस कुमार ने बताया कि यहां से 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई है।  इसके अलावा करीब 600 किलो अन्य विभिन्न प्रकार के केमिकल भी जफ्त किए गए हैं।
जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 करोड रुपए बताई जा रही है।  नारकोटिक्स विभाग की टीम  ने अवैध रूप से संचालित लैब को नष्ट कर दिया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।

रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों में नाम:
इस संचालित नर्सरी में जो रजिस्ट्रेशन दस्तावेज हैं ,इसमें ईमेल आईडी संदीप पोखरना के नाम पर दर्ज है।  जबकि मोबाइल नंबर अभय पोखरना के नाम दर्ज किया गया है।  इसमें जमीन से जुड़े अन्य नाम में अनिल पोखरना ,अभय पोखरना ,संदीप पोखरना और उनके परिजन शामिल है । इसमें जमीन का एक हिस्सा स्थानीय कालूराम रातडिया और उनके परिजनों के नाम भी है, जो पहले अन्य मामलों में आरोपी रह चुके हैं।  अब तक इन मामलों में किसी को भी आरोपी नहीं बनाया गया है।
जानकारी में सामने आया है कि नर्सरी के सामान्य व्यापार के लिए बैंक ऑफ़ इंडिया परदेसीपुरा इंदौर ब्रांच के अकाउंट का इस्तेमाल किया जा रहा था।

3 एकड़ में फैक्ट्री संचालित हो रही थी:
आगर मालवा में पकड़ी गई इस ड्रग फैक्ट्री से 31 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की गई है। जो करीब 3 एकड़ में फैली हुई थी। इसकी लोकेशन इंदौर से करीब 133 किलोमीटर दूर आगर मालवा में स्थित है । यहां पर इस नर्सरी में सुरक्षा के लिए तारों में करंट छोड़ा गया था।  भोपाल के बाद आगर मालवा की यह फैक्ट्री भी मंदसौर और राजस्थान के देवल जी नेटवर्क से जुड़ी हुई है।
इसके पहले 6 अक्टूबर को भोपाल में एक ड्रग फैक्ट्री पकड़ी गई थी जिसमें मंदसौर निवासी हरीश आंजना का नाम सामने आया था। जिसमें पूछताछ में हरीश आंजना ने देवल जी के शोएब लाल को पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया था

रजिस्ट्रेशन के पहले जांच जरूरी: जांच प्रक्रिया सवालों में:
इस मामले में उद्योग विभाग और एमएसएमई की जांच प्रक्रिया सवालों के घेरे में है।  नर्सरी का रजिस्ट्रेशन इंदौर का है ,जबकि संचालन आगर मालवा में मिला।  उद्यम रजिस्ट्रेशन फॉर्म में लोकेशन का मैप देना अनिवार्य होता है । एमएसएमई और जिला उद्योग केंद्र के अफसर इसे सेल्फ डिक्लेरेशन की प्रक्रिया बता रहे हैं । ऐसे में गलत जानकारी दिए जाने पर विभागीय जवाबदेही पर सवाल खड़े होते हैं। एमएसएमई के असिस्टेंट डायरेक्टर निलेश त्रिवेदी के अनुसार रजिस्टर्ड कंपनी का पैन, पता और अन्य विवरण आवेदक स्वयं देता है । गलत जानकारी और अपराधिक गतिविधियां सामने आने पर ब्लैक लिस्टिंग और कार्रवाई का प्रावधान है।

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