नर्सरी से लाये पौधे घर लाकर क्यों सूख जाते हैं: कैसे रखें पौधों को स्वस्थ–
संवाददाता
26 March 2026
अपडेटेड: 7:11 PM 0thGMT+0530
26 मार्च 2026
अक्सर हम नर्सरी से हरा-भरा पौधा लाते हैं, लेकिन घर आते ही वह सूखने लगता है।
हमें ऐसा लगता है कि शायद हमारी देखभाल में ही कोई कमी रह गई होगी। परंतु पौधा सूखने का सबसे बड़ा कारण होता है गमला और मिट्टी न बदलना। पौधा घर लाने के बाद उसे कैसे संभालना है, आइए जानते हैं।
क्यों सूख जाते हैं पौधे:
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1…मिट्टी है वजह…
नर्सरी में ज्यादातर पौधे लाल मिट्टी में लगे हुए मिलते हैं, जिसमें पोषण की कमी होती है।
इसमें लगे पौधे को हरा-भरा बनाए रखने के लिए रासायनिक खाद व तरल उर्वरकों का प्रयोग किया जाता है।
इसमें चिकनी मिट्टी भी अधिक होती है। पौधा घर लाने के बाद इसकी मिट्टी पत्थर की तरह सख्त और कड़क हो जाती है।
ऐसी कठोर मिट्टी में पौधों की जड़ें फैल नहीं पाती, जिससे ऑक्सीजन की कमी के कारण पौधा दम घुटने से मर सकता है।
2..छोटी प्लास्टिक जाली का उपयोग:
नर्सरी में पौधों को अक्सर छोटी प्लास्टिक की जाली में उगाया जाता है। जब पौधा बढ़ने लगता है, तो कई बार उसे जाली समेत ही गमले या पन्नी में मिट्टी के साथ लगा दिया जाता है। शुरुआत में पौधा सामान्य रूप से बढ़ता है, लेकिन जड़ों को फैलने की पर्याप्त जगह नहीं मिलती। इससे जड़ें आपस में उलझकर सीमित हो जाती हैं। परिणामस्वरूप पोषक तत्वों और ऑक्सीजन का संचार बाधित हो जाता है और पौधे का विकास रुक जाता है।
3..पौधा लाएं तो रीपॉट जरूर करें:
अगर घर लाया पौधा लाल मिट्टी में लगा है, तो उसे 5 दिन तक ऐसे ही रहने दें ताकि वह नए माहौल में ढल सके। इसके बाद ही मिट्टी बदलें।
पौधे की जड़ों से पूरी लाल मिट्टी हटाने की कोशिश न करें। जड़ों को बिना नुकसान पहुंचाए केवल अतिरिक्त मिट्टी निकालें और आसपास थोड़ी मिट्टी रहने दें।
यदि पौधा प्लास्टिक की छोटी टोकरी में
लगा है, तो उसे सावधानी से काटकर हटा दें। ध्यान रखें कि जड़ों को नुक़सान न पहुंचे।
कोई भी पौधा ख़रीदने के तुरंत बाद रीपॉट नहीं करना चाहिए। उसे कम से कम 5-7 दिन तक घर के वातावरण और रोशनी में ढलने दें वरना पौधा ‘स्थानांतरण के सदमे’ में जाकर सूख सकता है।
एक सप्ताह बाद सुबह या शाम के ठंडे समय में रीपॉट करना सबसे सुरक्षित रहता है।
घर आया नया पौधा एक नई शुरुआत करता है। लेकिन जडों को घुटन देने वाली परिस्थितियां उसे सांस लेने नहीं देतीं और वह धीरे-धीरे मुरझाने लगता है।
4. मिट्टी कैसे तैयार करें…
मिट्टी तैयार करने के लिए 40% सामान्य मिट्टी, 30% वर्मीकम्पोस्ट या पुरानी खाद और 30% कोकोपीट या रेत मिलाएं। इसमें मुट्ठी भर नीम की खली मिलाने से जड़ों में फंगस का खतरा कम होता है।
रीपर्पोटिंग से एक दिन पहले पौधे में पानी दें, ताकि मिट्टी नरम हो जाए और जड़ें आसानी से बाहर निकल सकें।
पुराने गमले से 2 इंच बड़ा गमला लें। छेद पर पत्थर रखकर तैयार मिट्टी की परत बिछाएं। फिर पौधे को बीच में रखकर चारों तरफ से मिट्टी भरें और हल्के हाथों से दबाएं।
अंत में अच्छी तरह पानी दें और पौधे को 2-3 दिन छायादार स्थान पर रखें, ताकि वह नई मिट्टी से तालमेल बैठा सके।