नशे में धुत PWD इंजीनियर का कारनामा…
संवाददाता
22 May 2025
अपडेटेड: 1:24 PM 0ndGMT+0530
नशे में धुत PWD इंजीनियर का कारनामा:
उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम की मीटिंग में कलेक्टर मैडम को दिया चौंकाने वाला जवाब!
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में एक हैरान करने वाली घटना ने सबका ध्यान खींचा है। उपराष्ट्रपति के आगामी दौरे की तैयारियों के लिए कलेक्टर शीतला पटले ने एक अहम मीटिंग बुलाई, लेकिन PWD के एक इंजीनियर ने ऐसा जवाब दिया कि सभी के होश उड़ गए। इंजीनियर ने साफ कहा, “मैं शराब के नशे में हूं, मीटिंग में नहीं आ सकता!” यह घटना अब सोशल मीडिया पर तूफान मचा रही है। आइए, जानते हैं इस वायरल खबर की पूरी कहानी!
कलेक्टर की मीटिंग और इंजीनियर का ‘नशे वाला’ जवाब
नरसिंहपुर की कलेक्टर शीतला पटले ने उपराष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों के लिए सभी संबंधित अधिकारियों की एक जरूरी मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में PWD विभाग के इंजीनियर को भी शामिल होना था, लेकिन जब कलेक्टर ने उन्हें फोन किया, तो उनका जवाब सुनकर सभी सन्न रह गए। इंजीनियर ने बेधड़क कहा, “मैडम, मैं नशे में हूं, अभी मीटिंग में नहीं आ सकता।” यह जवाब न केवल कलेक्टर के लिए शॉकिंग था, बल्कि इसने प्रशासनिक हलकों में हंगामा मचा दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
यह घटना X पर तेजी से वायरल हो गई, जहां लोग इस इंजीनियर की बेपरवाही पर हंस भी रहे हैं और नाराजगी भी जता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “नशे में धुत होकर सरकारी इंजीनियर इतना बड़ा बहाना? ये तो हद हो गई!” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम की मीटिंग को ठुकराना? इस इंजीनियर पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए!” इस घटना ने PWD विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठा दिए हैं।
कलेक्टर मैडम का रिएक्शन और आगे की कार्रवाई
कलेक्टर शीतला पटले इस जवाब से स्तब्ध रह गईं। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने तुरंत इस मामले को गंभीरता से लिया और इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी। X पर कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया है कि इंजीनियर को निलंबन का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, अभी तक इस मामले में आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। कलेक्टर ने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं कि उपराष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों में कोई कोताही न बरती जाए।
प्रशासन में अनुशासन पर उठे सवाल
यह घटना नरसिंहपुर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे पर सवाल उठा रही है। X पर लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि सरकारी अधिकारी इतने लापरवाह कैसे हो सकते हैं, खासकर जब बात उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद के दौरे की हो। एक यूजर ने लिखा, “PWD इंजीनियर का यह रवैया दिखाता है कि सरकारी विभागों में अनुशासन की कितनी कमी है।” इस घटना ने प्रशासनिक सुधारों की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित किया है।
क्या होगा इंजीनियर का भविष्य?
इस वाकये के बाद सबकी नजर इस बात पर है कि इंजीनियर के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी। क्या उसे निलंबित किया जाएगा, या यह मामला सिर्फ चेतावनी तक सीमित रहेगा? साथ ही, उपराष्ट्रपति के दौरे की तैयारियां अब और सख्त निगरानी में होंगी, ताकि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।