नारी शक्ति का नया अध्याय: भोपाल में पीएम मोदी का ऐतिहासिक संबोधन

khabar pradhan

संवाददाता

1 June 2025

अपडेटेड: 7:46 AM 0stGMT+0530

नारी शक्ति का नया अध्याय: भोपाल में पीएम मोदी का ऐतिहासिक संबोधन

भोपाल की धरती पर हाल ही में एक ऐसा आयोजन हुआ, जिसने न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर आयोजित महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन से नारी शक्ति को एक नई दिशा दी। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में पीएम ने नारी शक्ति को भारत की प्रगति का आधार बताते हुए कई प्रेरक बातें कहीं और कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया। उनका यह संबोधन न केवल भावनात्मक था, बल्कि देश की महिलाओं के लिए एक नया विजन भी लेकर आया। आइए, इस आयोजन और पीएम के संदेश की गहराई में उतरते हैं।

लोकमाता की विरासत: नारी शक्ति का प्रतीक

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई न केवल एक कुशल शासक थीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं की संरक्षक भी थीं। जब देश के मंदिरों और तीर्थ स्थलों पर हमले हो रहे थे, तब अहिल्याबाई ने अपनी सूझबूझ और साहस से उन्हें बचाया। पीएम ने उनकी इस विरासत को आज की नारी शक्ति से जोड़ा और कहा कि भारत की महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रही हैं।

सिंदूर: नारी शक्ति का प्रतीक

पीएम के संबोधन का एक सबसे यादगार पल था, जब उन्होंने भारतीय संस्कृति में सिंदूर को नारी शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “भारत संस्कृति और संस्कार का देश है। सिंदूर हमारी परंपरा में नारी शक्ति की पहचान है।” यह बयान न केवल महिलाओं के बीच गहरा उत्साह जगा गया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ। कई महिलाओं ने इसे अपनी सांस्कृतिक पहचान के सम्मान के रूप में देखा। पीएम ने इस मौके पर यह भी जोर दिया कि उनकी सरकार का हर कदम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में है।

महिलाओं को विकास की धुरी बनाने का संकल्प

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ‘Women Led Development’ के विजन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की हर बड़ी योजना का केंद्र बिंदु महिलाएं हैं। चाहे वह स्वच्छ भारत अभियान हो, उज्ज्वला योजना हो, या फिर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, हर पहल में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। पीएम ने यह भी बताया कि आज भारत की बेटियां न केवल घर संभाल रही हैं, बल्कि देश की सुरक्षा की ढाल भी बन रही हैं। सेना, विज्ञान, खेल और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को उन्होंने ‘नए भारत’ की ताकत बताया।

परियोजनाओं का शुभारंभ: विकास की नई उड़ान

इस महासम्मेलन में पीएम ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जो विशेष रूप से महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए कौशल विकास केंद्र, स्वरोजगार योजनाएं, और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। पीएम ने कहा कि ये योजनाएं न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करेंगी, बल्कि उन्हें समाज में एक नई पहचान भी देंगी। इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे, जिन्होंने पीएम के विजन को लागू करने में अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

‘नागरिक देवो भवः’: सुशासन का मंत्र

पीएम ने अपने संबोधन में ‘नागरिक देवो भवः’ को अपनी सरकार के सुशासन का मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का हर फैसला जनता को केंद्र में रखकर लिया जाता है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए बनाई गई योजनाएं इस मंत्र का जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई के आदर्शों को अपनाने की बात कही और बताया कि उनकी सरकार भी उसी तरह समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चल रही है। यह संदेश न केवल प्रेरणादायक था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार का फोकस समावेशी विकास पर है।

महिलाओं का उत्साह: एक नया जोश

इस आयोजन में मौजूद हजारों महिलाओं ने पीएम के संबोधन को सुनकर जबरदस्त उत्साह दिखाया। एक महिला ने कहा, “पीएम मोदी सबको साथ लेकर चलते हैं। महिलाओं को सशक्त बनाने से लेकर हर क्षेत्र में उन्होंने हमारा समर्थन किया है।” यह भावना इस बात का सबूत है कि पीएम का संबोधन न केवल नीतिगत था, बल्कि भावनात्मक रूप से भी लोगों से जुड़ा। मध्य प्रदेश की मंत्री कृष्णा गौर ने भी पीएम के भाषण को ऊर्जा से भरपूर बताया और कहा कि इससे मध्य प्रदेश के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर छाया संदेश

पीएम के इस संबोधन ने सोशल मीडिया पर भी धूम मचा दी। ‘नारी शक्ति’, ‘लोकमाता अहिल्याबाई’, और ‘Women Led Development’ जैसे हैशटैग्स ट्रेंड करने लगे। लोगों ने पीएम के सिंदूर वाले बयान को खास तौर पर सराहा और इसे भारतीय संस्कृति के सम्मान से जोड़ा। कई यूजर्स ने लिखा कि यह संबोधन महिलाओं को नई प्रेरणा देगा और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा।

नारी शक्ति का नया युग

भोपाल में आयोजित इस महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन ने न केवल लोकमाता अहिल्याबाई की विरासत को सम्मान दिया, बल्कि भारत की नारी शक्ति को एक नई दिशा भी दी। पीएम मोदी का यह संबोधन सिर्फ एक भाषण नहीं, बल्कि एक ऐसा विजन था, जो महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने और उन्हें हर क्षेत्र में सशक्त बनाने का संदेश देता है। उनकी योजनाएं, उनके शब्द, और उनका जोश इस बात का सबूत हैं कि भारत अब ‘नारी शक्ति’ के बिना अपने भविष्य की कल्पना नहीं कर सकता। यह आयोजन न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक पल बन गया है।

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