नीता अंबानी को मिला ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड, सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित

khabar pradhan

संवाददाता

18 March 2026

अपडेटेड: 4:03 PM 0thGMT+0530

नीता अंबानी को मिला ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड, सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित

18 मार्च 2026

भुवनेश्वरl

रिलायंस फाउंडेशन की प्रमुख को मिला सम्मान

रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष नीता अंबानी को उनकी सामाजिक सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित ‘डिजिटल ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड 2025’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया।

नीता अंबानी को यह सम्मान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और खेल के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए मिला है। उनके प्रयासों से हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
उन्होंने दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी बच्चों के लिए शिक्षा और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन पहलों से कई बच्चों को बेहतर भविष्य की दिशा मिली है।

सम्मान मिलने पर जताई खुशी

सम्मान प्राप्त करने के बाद नीता अंबानी ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए गर्व का विषय है और यह उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने इसे भारत के उज्ज्वल भविष्य से भी जोड़ा।

अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने किया सम्मानित

यह सम्मान श्रीलंका के नोबेल पुरस्कार विजेता मोहन मुना सिंघेऔर संस्थान के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत द्वारा प्रदान किया गया। समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

2008 से दिया जा रहा है प्रतिष्ठित सम्मान

यह पुरस्कार वर्ष 2008 में शुरू किया गया था और मानवीय सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली दुनिया भर की विशिष्ट हस्तियों को प्रदान किया जाता है। यह अवॉर्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी प्रतिष्ठित माना जाता है।
इससे पहले यह सम्मान रतन टाटा, दलाई लामा और अनिरुद्ध जगन्नाथ जैसी प्रमुख हस्तियों को दिया जा चुका है, जिससे इसकी गरिमा और महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।

दुनिया की सबसे बड़ी आदिवासी यूनिवर्सिटी

कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (KISS) दुनिया की सबसे बड़ी आदिवासी यूनिवर्सिटी मानी जाती है। यहां पर लगभग 80,000 बच्चों को किंडरगार्टन से लेकर उच्च शिक्षा तक की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस संस्थान में पढ़ने वाले बच्चों को न केवल मुफ्त शिक्षा दी जाती है, बल्कि उन्हें आवास, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं भी निःशुल्क प्रदान की जाती हैं, जिससे वे बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ सकें।

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