नेपाल में बालेन शाह सरकार का बड़ा फैसला: छात्र राजनीति पर पूर्ण प्रतिबंध और 5वीं तक की परीक्षाएं खत्म

khabar pradhan

संवाददाता

30 March 2026

अपडेटेड: 12:49 PM 0thGMT+0530


30 मार्च 2026
काठमांडू:

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने अपनी सरकार के ‘100 दिन के एक्शन प्लान’ के तहत शिक्षा और प्रशासन के क्षेत्र में कई क्रांतिकारी बदलावों की घोषणा की है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति से मुक्त करना और शिक्षा प्रणाली में सुधार लाना है।

शिक्षा क्षेत्र में मुख्य बदलाव
*अब नेपाल के शिक्षण संस्थानों में छात्र राजनीति पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों को 60 दिनों के भीतर कैंपस से अपने दफ्तर हटाने होंगे।
*छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए 90 दिनों के भीतर ‘वॉयस ऑफ स्टूडेंट्स’ जैसे नए गैर-राजनीतिक प्लेटफॉर्म शुरू किए जाएंगे।
*कक्षा 5 तक की पारंपरिक परीक्षाएं अब खत्म कर दी गई हैं।
*स्कूलों और कॉलेजों को इसी साल के भीतर अपने विदेशी नाम बदलकर नेपाली नाम रखने का आदेश दिया गया है।
*ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई के लिए अब नेपाली नागरिकता होना अनिवार्य नहीं होगा।

भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार:
सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए बड़े कदम उठाए हैं:
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों (देउबा, ओली और प्रचंड) समेत दो मंत्रियों पर जांच तेज कर दी गई है। केपी ओली को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
एक विशेष कमेटी 15 दिनों के भीतर बनाई जाएगी, जो साल 2006 के बाद बड़े पदों पर रहे नेताओं और अफसरों की संपत्ति की जांच करेगी। इसके बाद 1991 से 2006 के बीच के मामलों की भी फाइल खोली जाएगी।
नेपाली कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री दीपक खड़का को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में उनके घर से गिरफ्तार किया गया है।

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