पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन

khabar pradhan

संवाददाता

18 April 2025

अपडेटेड: 8:51 AM 0thGMT+0530

राहुल-सोनिया के खिलाफ चार्जशीट के विरोध में ट्रेन रोकी

बिहार की राजधानी पटना के सचिवालय हॉल्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को एक बड़ा प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ दायर चार्जशीट के विरोध में आयोजित किया गया था। कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए रेलवे ट्रैक पर उतरकर ट्रेन को रोक दिया, जिससे रेल यातायात कुछ समय के लिए ठप हो गया। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन को भी हाई अलर्ट पर ला दिया।
प्रदर्शन की वजह


कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ दायर चार्जशीट “राजनीतिक बदले की भावना” से प्रेरित है। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। प्रदर्शनकारी “न्याय दो, साजिश बंद करो” जैसे नारे लगाते हुए रेलवे ट्रैक पर लेट गए और ट्रेन को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
घटनाक्रम
सचिवालय हॉल्ट पर सुबह करीब 10 बजे से ही कांग्रेस कार्यकर्ता इकट्ठा होने लगे थे। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। कुछ कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर और लेटकर ट्रेन को रोकने की कोशिश की। इस वजह से पटना से गुजरने वाली कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ट्रैक से हटाने के लिए पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन जब कार्यकर्ता नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग किया गया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में लाया गया, लेकिन रेल यातायात को सामान्य होने में कुछ समय लगा।
कांग्रेस का बयान
बिहार कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने इस प्रदर्शन को “लोकतंत्र की रक्षा” के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ चार्जशीट एक सुनियोजित साजिश है, जिसका मकसद कांग्रेस को कमजोर करना है। हम इस तरह की कार्रवाइयों का पुरजोर विरोध करेंगे।” उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह के कदमों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं होगा, बल्कि वे और मजबूती से लड़ेंगे।
यात्रियों की परेशानी
प्रदर्शन के कारण रेल यातायात बाधित होने से यात्रियों को खासी परेशानी हुई। कई ट्रेनें स्टेशन पर ही खड़ी रहीं, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने प्रदर्शन के तरीके पर नाराजगी जताई, जबकि कुछ ने कहा कि राजनीतिक विरोध के लिए रेल सेवाओं को बाधित करना उचित नहीं है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पटना जिला प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही। रेलवे अधिकारियों ने भी कहा कि वे इस मामले की जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, रेलवे ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद जताया और यातायात को जल्द से जल्द सामान्य करने की बात कही।
निष्कर्ष
यह प्रदर्शन न केवल पटना, बल्कि पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह कदम केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव को और उजागर करता है। जहां कांग्रेस इसे राजनीतिक साजिश बता रही है, वहीं सत्ताधारी दल इसे कानून का हिस्सा मान रहा है। इस घटना के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस अपनी रणनीति में क्या बदलाव लाती है और प्रशासन इस तरह के प्रदर्शनों को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।

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