पटना में नीतीश कुमार का अनूठा अंदाज
संवाददाता
29 April 2025
अपडेटेड: 10:11 AM 0thGMT+0530
पटना में नीतीश कुमार का अनूठा अंदाज
भामाशाह जयंती पर साफा-चुनरी लेकर किया स्वागत
मंत्रियों को पहनाया गमछा
पटना में सोमवार, 28 अप्रैल 2025 को आयोजित भामाशाह जयंती समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने अनोखे अंदाज से सबका ध्यान खींचा। नीतीश ने न केवल साफा और चुनरी लेकर अतिथियों का स्वागत किया, बल्कि अपने मंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को गमछा पहनाकर उनका सम्मान भी किया। यह कार्यक्रम पटना के एक प्रमुख सभागार में आयोजित किया गया था, जहां भामाशाह की देशभक्ति और दानवीरता को याद किया गया।
भामाशाह, जिन्हें मेवाड़ के महाराणा प्रताप के समय उनके आर्थिक सहयोग और समर्पण के लिए जाना जाता है, की जयंती पर यह समारोह बिहार में वैश्य समुदाय द्वारा आयोजित किया गया था। नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में भामाशाह के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा, “भामाशाह ने देश और धर्म के लिए अपनी संपत्ति न्योछावर कर दी। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि बिहार में सामाजिक एकता और समृद्धि के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम में नीतीश का उत्साह देखते ही बनता था। उन्होंने मंच पर पहुंचते ही आयोजकों और अतिथियों का साफा, चुनरी और गमछा देकर स्वागत किया। इसके बाद, उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों, जिनमें उपमुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्री शामिल थे, को भी गमछा पहनाया। इस दौरान नीतीश की सहजता और आत्मीयता ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया।
समारोह में वैश्य समुदाय के नेताओं ने नीतीश को उनके सामाजिक समरसता और विकास कार्यों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने बिहार में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जो भामाशाह की उद्यमशीलता की भावना को जीवित रखते हैं। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और भामाशाह के जीवन पर आधारित एक लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
सोशल मीडिया पर नीतीश के इस अंदाज की तारीफ हो रही है। कई यूजर्स ने उनके सादगी भरे व्यवहार और जनता से जुड़ाव की सराहना की। एक X पोस्ट में लिखा गया, “नीतीश जी का यह स्वागत करने का तरीका बिहार की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है।” हालांकि, कुछ आलोचकों ने इसे राजनीतिक मंच के रूप में देखा, लेकिन समग्र रूप से कार्यक्रम ने सकारात्मक माहौल बनाया।
यह आयोजन न केवल भामाशाह की विरासत को सम्मान देने का अवसर था, बल्कि बिहार में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का भी एक मंच साबित हुआ। नीतीश का यह अनूठा स्वागत और सक्रिय भागीदारी उनके नेतृत्व की विशिष्ट शैली को दर्शाता है।