पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता के खिलाफ पामेला गोस्वामी:

khabar pradhan

संवाददाता

8 January 2026

अपडेटेड: 5:02 PM 0thGMT+0530

पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता के खिलाफ पामेला गोस्वामी:


बंगाल में बीजेपी की महिला विंग तैयार:

पश्चिम बंगाल की राजनीति में शतरंज की बिसात बिछने से पहले हीसभी पार्टियां अपने अपने मोहरें फिट करने के गुणा गणित की तैयारी में जुट गईं हैं । सियासत चुनाव से पहले ही गर्मा चुकी है ।और इधर बीजेपी नेता पामेला गोस्वामी इन दिनों बंगाल की राजनीति में काफी ज्यादा चर्चा में हैं ।



कौन है पामेला गोस्वामी:
और क्यों हो रही है इनकी चर्चा:

विधानसभा चुनाव में अब महज़ दो महीने का समय बचा है और सियासी रणभूमि पूरी तरह सज चुकी है ।इस बार मुकाबला सीधा है—बीजेपी बनाम टीएमसी। एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं, जो किसी भी कीमत पर अपनी सत्ता बचाए रखना चाहती हैं। तो वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी पूरी ताकत के साथ ममता सरकार को सत्ता से बाहर करने की रणनीति पर काम कर रही है।
लेकिन इस सियासी जंग के बीच बंगाल की राजनीति में एक नया नाम तेजी से उभरकर सामने आया है और वह नाम है पामेला गोस्वामी ।

बीजेपी नेता पामेला गोस्वामी इन दिनों बंगाल की राजनीति में काफी ज्यादा चर्चा में हैं। कहा जा रहा है कि बीजेपी इस बार ममता बनर्जी के खिलाफ महिला नेतृत्व को फ्रंट पर लाने की तैयारी कर रही है और उसी रणनीति के चलते पामेला गोस्वामी को आगे बढ़ाया जा रहा है।  दरअसल, बीजेपी बंगाल में महिला वोट बैंक को साधने के लिए एक मजबूत महिला विंग तैयार कर रही है और पामेला गोस्वामी को उसका अहम चेहरा माना जा रहा है। युवा, मुखर और जमीनी स्तर पर सक्रिय पामेला गोस्वामी पार्टी के लिए एक नया दांव साबित हो सकती हैं।

पामेला गोस्वामी का नाम सुर्खियों में कब से:

पामेला गोस्वामी का नाम पहली बार सुर्खियों में साल 2021 में तब आया, जब उन्हें बंगाल पुलिस ने कोकीन के साथ गिरफ्तार किया था। उन पर ड्रग्स स्मगलिंग का गंभीर आरोप लगाया गया था। इस गिरफ्तारी ने उस समय बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया था। बीजेपी ने इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया था। पार्टी का दावा था कि तृणमूल कांग्रेस बीजेपी नेताओं को बदनाम करने और फंसाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है । खुद पामेला गोस्वामी ने भी इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था। बाद में अदालत ने पामेला गोस्वामी को ड्रग्स से जुड़े सभी आरोपों से बरी कर दिया।  इसके बाद बीजेपी ने इस मामले को टीएमसी की “राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति” बताया और पामेला गोस्वामी को और मजबूती से पार्टी के मंच पर खड़ा किया।  पामेला गोस्वामी एक सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ-साथ बीजेपी की युवा नेता भी हैं…

बीजेपी में कब शामिल हुई:

उन्होंने साल 2019 में भारतीय जनता पार्टी जॉइन की थी। उन्हें तत्कालीन बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने पार्टी में शामिल कराया था। बीजेपी में आने से पहले भी पामेला गोस्वामी जमीनी स्तर पर काफी सक्रिय रही हैं।  खासतौर पर युवा मतदाताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ बताई जाती है।  यही वजह है कि पार्टी ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपीं। पामेला गोस्वामी को बीजेपी के हुगली जिले का पर्यवेक्षक बनाया गया और साथ ही वे बीजेपी बंगाल की महासचिव भी रहीं।  संगठनात्मक कामकाज में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें पार्टी के भीतर एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया।

मॉडलिंग और फिल्मों से की करियर की शुरुआत:
उनके करियर की बात करें, तो पामेला गोस्वामी ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी ।इसके बाद वे एयरहोस्टेस बनीं और इंडिगो एयरलाइंस में सीनियर केबिन क्रू के तौर पर काम किया।  इसी दौरान उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में आने का मौका मिला। उन्होंने बंगाली टीवी सीरियल्स और फिल्मों में काम किया। साल 2010 में उन्होंने बंगाली फिल्म ‘मोन चाय टोम’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसके बाद पामेला ने कई फिल्मों और टीवी सीरियल्स में अभिनय किया। साल 2016 में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘संपर्क’ को खासा पसंद किया गया और यह फिल्म हिट साबित हुई।

अब सवाल यही है कि क्या पामेला गोस्वामी बीजेपी के लिए बंगाल में गेमचेंजर साबित होंगी? क्या महिला नेतृत्व के सहारे बीजेपी ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दे पाएगी? या फिर टीएमसी एक बार फिर सत्ता पर कब्जा जमाए रखेगी? इन तमाम सवालों के जवाब आने वाले चुनावी नतीजों में मिलेंगें ।
फिलहाल पामेला गोस्वामी के नाम से पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो चुकी है।

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