पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई पर भड़की ममता:
संवाददाता
8 January 2026
अपडेटेड: 6:53 PM 0thGMT+0530
पश्चिम बंगाल: ED Raid in West Bengal :
पश्चिम बंगाल की राजनीति आज दिनभर गहमा गहमी रही यहां ईडी की छापेमारी ने सियासी भूचाल खड़ा कर दिया है। गुरुवार को ईडी ने कोलकाता और विधाननगर के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की…इनमें सॉल्ट लेक की पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के दफ्तर पर , लाउडन स्ट्रीट पर I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर ईडी की रेड ने ममता सरकार को एख बार फिर चर्चा में ला दिया । ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक केस के सिलसिले में की गई है। छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों ने प्रतीक जैन से पूछताछ भी की। लेकिन इस कार्रवाई ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के घर पहुंच गईं। जानकारी मिलते ही ममता बनर्जी सीधे लाउडन स्ट्रीट उनके आवास पर पहुंचीं और छापेमारी के बीच वो घर के अंदर गईं। कुछ ही देर बाद, मुख्यमंत्री अपने हाथ में एक हरे रंग की फाइल लेकर बाहर आईं,जिसके बाद ये फाइल सियासी चर्चा का केंद्र बन गई।
ममता बैनर्जी ने साजिश करार बताया:
ममता बनर्जी ने इस पूरी कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीतिक साजिश बताया।
उन्होंने कहा कि ये वो सारी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रतीक जैन मेरी पार्टी के प्रभारी हैं।साथ ही ममता ने खुद बताया कि उस फाइल में क्या था। ममता बनर्जी का आरोप है कि ईडी ने छापेमारी के दौरान तृणमूल कांग्रेस का आंतरिक डेटा जब्त करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस फाइल में हमारी पार्टी की हार्ड डिस्क है,
जिसमें आगे की रणनीति है और चुनावी योजनाओं की जानकारी है। वे हमारी पार्टी की रणनीति चुराना चाहते हैं। क्या किसी राजनीतिक दल के दस्तावेज़ इकट्ठा करना ईडी का काम है। ममता बनर्जी ने इसे असंवैधानिक और राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी ने टीएमसी का डेटा अपने सिस्टम में डाल लिया है,
जो कि एक अपराध है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमें दोबारा चुनावी रणनीति बनानी पड़ी,तो विधानसभा चुनाव बीत जाएगा।
ईडी की छापेमारी:
ईडी ने सुबह 6 बजे छापेमारी शुरू की,जब वहां कोई मौजूद नहीं था।क्षममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को डराने धमकाने की कोशिश बताया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये कानून लागू करना नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध है। वहीं दूसरी ओर,इस पूरे मामले पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के ईडी छापेमारी के दौरान प्रतीक जैन के घर जाने को असंवैधानिक हस्तक्षेप करार दिया।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि मुख्यमंत्री का ये केंद्रीय एजेंसी की जांच में सीधा हस्तक्षेप है। ईडी को मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल, इस मामले में न तो ईडी और न ही I-PAC की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।क्षलेकिन इतना साफ है कि ईडी की यह छापेमारी अब कानूनी से ज्यादा राजनीतिक लड़ाई बन चुकी है, और आने वाले दिनों में ये विवाद और गहराने वाला है ।