पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की भारत को चेतावनी…

khabar pradhan

संवाददाता

3 May 2025

अपडेटेड: 5:46 AM 0rdGMT+0530

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की भारत को चेतावनी…

सिंधु जल रोकने पर हमले की धमकी, भारत में रक्षा तैयारियां तेज

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को धमकी दी है कि यदि भारत ने सिंधु नदी का पानी रोकने की कोशिश की तो पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच जल बंटवारे और सीमा तनाव को लेकर पहले से ही मतभेद हैं। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) का उल्लंघन भारत के लिए गंभीर परिणाम भुगतने वाला होगा। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान अपनी रक्षा और जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी, जिसके तहत सिंधु, झेलम, और चिनाब नदियों का पानी पाकिस्तान को आवंटित किया गया, जबकि रावी, ब्यास, और सतलुज का उपयोग भारत करता है। हाल के वर्षों में भारत ने जम्मू-कश्मीर में जलविद्युत परियोजनाओं को तेज किया है, जिसे पाकिस्तान संधि के खिलाफ मानता है। ख्वाजा आसिफ का यह बयान भारत द्वारा इन परियोजनाओं को बढ़ावा देने और जल प्रबंधन नीतियों पर सख्त रुख अपनाने के बाद आया है।इस बीच, भारत ने पाकिस्तान की इस धमकी को गंभीरता से लिया है। सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश के जबलपुर और महाराष्ट्र के चंद्रपुर में स्थित आयुध निर्माणी (ऑर्डनेंस फैक्ट्री) में कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इन फैक्ट्रियों में हथियारों और गोला-बारूद का उत्पादन तेज कर दिया गया है। रक्षा मंत्रालय ने इन कदमों को नियमित तैयारियों का हिस्सा बताया, लेकिन जानकार इसे पाकिस्तान के बयान के जवाब में सतर्कता के रूप में देख रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की धमकी का मकसद भारत पर दबाव बनाना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सिंधु जल संधि के मुद्दे को उठाना है। हालांकि, भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि वह संधि का पालन करता है और उसकी परियोजनाएं केवल जल का गैर-उपभोगात्मक उपयोग (non-consumptive use) करती हैं, जैसे बिजली उत्पादन। दोनों देशों के बीच तनाव को देखते हुए सीमा पर भी सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के इस उकसावे वाले बयान पर ध्यान देने की अपील की है। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “भारत अपनी संप्रभुता और संसाधनों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।”यह घटनाक्रम भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक नया तनाव जोड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों को कूटनीतिक बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने की जरूरत है ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।

टिप्पणियां (0)