पाकिस्तान का भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध

khabar pradhan

संवाददाता

29 April 2025

अपडेटेड: 9:30 AM 0thGMT+0530

पाकिस्तान का भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध

पाकिस्तान का भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध

तिरंगा, पैड और अंतरधार्मिक प्रेम जैसे कारणों से लगाई रोक

पाकिस्तान ने एक बार फिर भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लगाने के लिए असामान्य और विवादास्पद कारणों का सहारा लिया है। हाल ही में, पाकिस्तान सेंसर बोर्ड ने कई भारतीय फिल्मों को बैन कर दिया, जिसमें मुस्लिम किरदार जोया का हिंदू युवक से प्रेम, तिरंगे का प्रदर्शन और ‘पैड’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल आपत्तिजनक बताया गया है। इस फैसले ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
सेंसर बोर्ड के अनुसार, ऐसी कहानियां जो अंतरधार्मिक प्रेम को दर्शाती हैं, खासकर जहां मुस्लिम और हिंदू किरदारों के बीच रोमांस दिखाया जाता है, उनकी संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के लिए ‘अनुपयुक्त’ हैं। इसके अलावा, भारतीय तिरंगे का चित्रण और ‘पैड’ जैसे शब्द, जो मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़े हैं, को भी ‘संवेदनशील’ और ‘अनुचित’ करार दिया गया। इन कारणों से कई बॉलीवुड फिल्मों को पाकिस्तान में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई।
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने भारतीय फिल्मों पर रोक लगाई हो। पहले भी भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव के दौरान बॉलीवुड फिल्मों को निशाना बनाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये प्रतिबंध सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सीमित करने और दोनों देशों के बीच वैचारिक दूरी बढ़ाने का प्रयास हैं। भारतीय फिल्म उद्योग, जो वैश्विक स्तर पर अपनी पहुंच के लिए जाना जाता है, पाकिस्तान में भी बड़ा दर्शक वर्ग रखता है। ऐसे में यह प्रतिबंध वहां के सिनेमा प्रेमियों के लिए निराशाजनक है।
सोशल मीडिया पर इस फैसले की तीखी आलोचना हो रही है। कई यूजर्स ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया, जबकि कुछ ने इसे ‘हास्यास्पद’ और ‘पिछड़ा हुआ’ कदम करार दिया। दूसरी ओर, पाकिस्तान के कुछ स्थानीय संगठनों ने सेंसर बोर्ड के फैसले का समर्थन किया है। भारत में फिल्म निर्माताओं ने इस प्रतिबंध पर निराशा जताई है, लेकिन उनका कहना है कि वे वैश्विक मंचों पर अपनी कहानियां पहुंचाना जारी रखेंगे।

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