पीएम आवास योजना के तहत नए नियम लागू – उन्हें ही मिलेगा लाभ जो होंगे नियमों के अनुसार पात्र:

khabar pradhan

संवाददाता

30 January 2026

अपडेटेड: 3:33 PM 0thGMT+0530

पीएम आवास योजना के तहत नए नियम लागू – उन्हें ही मिलेगा लाभ जो होंगे नियमों के अनुसार पात्र:

आज के समय में अपना खुद का पक्का मकान होना हर व्यक्ति की चाहत होती है । लेकिन बढ़ती महंगाई के चलते यह सपना पूरा करना हर किसी के लिए आसान नहीं रह गया है।  इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को घर खरीदने और बनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है।

किंतु अब सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत कुछ अहम बदलाव किए हैं इनका सीधा असर लाभार्थियों पर पड़ेगा मोदी सरकार ने कुछ नियम बदल दिए हैं ,जो लाभ सिर्फ अब उन्हें मिलेगा जिनके पास जमीन होगी और यह जो जमीन है 2024 से पहले की रिहाई सी जमीन होना चाहिए । तभी इस योजना का फायदा मिल सकता है।

केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2016 से की थी, अब योजना के दूसरे चरण यानी पीएम ए वाई यू जिसको हम शहरी तौर पर बोलते हैं।  2.0 इस 1 सितंबर 2024 से लागू किया गया था इस चरण का उद्देश्य अगले 5 सालों में शहरी इलाकों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के निम्न आय वाले या मध्यम आय वाले परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध करवाना है।  प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तीन आय वर्गों को शामिल किया गया है ।
1..आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS की वार्षिक आयु सीमा 3 लाख तक तय की गई है ।
2..वही LIG यानी निम्न आय वर्ग के लिए जिसकी सालाना आय सीमा 6 लाख है ।
3..इसके अलावा मध्यम आय वर्ग यानी MIG के परिवारों की अधिकतम वार्षिक आय 9 लाख तक होना चाहिए ।
इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को घर निर्माण या खरीद के लिए अधिकतम ढाई लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है । इसमें डेढ़ लाख केंद्र सरकार की तरफ से और एक लाख राज्य सरकार की ओर से दिए जाते हैं ।
इसके अलावा होम लोन लेने पर करीब 1,80,000 तक की ब्याज सब्सिडी का लाभ भी मिलता है।
झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोग स्ट्रीट वेंडर और कामकाजी महिलाओं को इस योजना में प्राथमिकता दी जाती है।

जानते हैं नियमों के बदलाव बारे में :

पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के लिए जो बदलाव हुए हैं, उसमें सरकार ने नए नियमों के तहत यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल वही लोग इस योजना के पात्र होंगे, जिनके पास 31 अगस्त 2024 से पहले जमीन का मालिकाना हक था ।
इस तारीख के बाद जमीन खरीदने या रजिस्ट्री करने वालों को घर निर्माण के लिए दी जाने वाली सहायता राशि नहीं मिलेगी इसके साथ ही एक शर्त यह भी रखी गई है कि जमीन रिहायशी क्षेत्र में होना चाहिए।  गैर रिहायशी इलाके की जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा । अब योजना का पैसा पाने के लिए एलिजिबिलिटी हितग्राही प्रमाण पत्र भी अनिवार्य कर दिया गया है । इसके लिए आवेदक को योजना के आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
रजिस्ट्रेशन के बाद नगर निगम या स्थानीय निकाय की टीम द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा ।
जांच सही पाए जाने पर पत्र जारी किया जाएगा और इसके आधार पर चार चरणों में सहायता राशि दी जाएगी ।
पात्रता साबित करने के लिए   आवेदक को यह दिखाना होगा —
वह 31 अगस्त 2024 से पहले उस स्थान पर रह रहा था और इसके लिए बिजली या पानी का पुराना बिल नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स रसीद या पुरानी मतदाता सूची में नाम दर्ज होने जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
इसके अलावा सरकार जियो टैगिंग और सैटेलाइट इमर्जिंग की मदद से भी सत्यापन कर रही है।  अब सरकार ने पीएम आवास योजना के 2.0 के तहत जो नियम बदले हैं।  उसमें सबसे बड़ा नियम यही है कि उसे जमीन पर इस योजना का लाभ उसे ही मिलेगा जिसके पास 31 अगस्त 2024 से पहले उसे जमीन का मालिक आना हक होगा‌।  उसके बाद की खरीदी गई जमीन या रजिस्ट्री पर उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

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